केरल: धार्मिक आधार पर पहली बार रियायत, चर्च से जुड़े 9 छात्र सूरज ढलने के बाद देंगे परीक्षा

केरल के ये छात्र सेवंथ-डे एडविंटिस्ट चर्च (Seventh-Day Adventist Church) से ताल्लुक रखते हैं. परीक्षा जिस दिन है वह संप्रदाय के नियम के हिसाब से पूजा पाठ और आराम का दिन (Sabbath) है.

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केरल में धार्मिक रीति-रिवाज के चलते परीक्षा में छूट का पहला और अनोखा मामला सामने आया है. जहां बाकी सभी छात्र सुबह परीक्षा देंगे, वहीं एक संप्रदाय से जुड़े 9 छात्रों को शाम को परीक्षा देने की इजाजत मिली है. यह इजाजत राज्य की सीपीएम सरकार ने दी है. ये सभी छात्र सेवंथ-डे एडविंटिस्ट चर्च (Seventh-Day Adventist Church) से ताल्लुक रखते हैं. परीक्षा जिस दिन है वह संप्रदाय के नियम के हिसाब से पूजा पाठ और आराम का दिन (Sabbath) है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, सेवंथ-डे एडविंटिस्ट चर्च (Seventh-Day Adventist Church) से जुड़े लोग हर हफ्ते शुक्रवार शाम से शनिवार शाम तक के वक्त को पूजा और आराम के लिए रखता है. इसे जुड़े 9 छात्रों को उच्च माध्यमिक (12वीं) में इंप्रूवमेंट के पेपर देने हैं. करीब 55 हजार छात्र मैथ्स, बायोलॉजी और कंप्यूटर साइंस की इन परीक्षाओं में बैठनेवाले हैं.

बाकी छात्र सुबह और 9 छात्र शाम को देंगे परीक्षा

जहां बाकी छात्र अपनी परीक्षा दिन में देंगे. संप्रदाय से जुड़े 9 छात्र परीक्षा वाले स्कूल में तो सुबह 9.30 बजे पहुंच जाएंगे लेकिन उनकी परीक्षा शाम को 6 बजे शुरू होगी. तबतक उनका पूजा-पाठ और आराम का दिन खत्म हो चुका होगा. परीक्षा से पहले उन्हें किसी और छात्र से बात करने की इजाजत नहीं होगी.

चर्च के प्रवक्ता ने कहा कि संप्रदाय को मानने वाला कोई भी उस दौरान कोई कार्य नहीं करता है. चाहे फिर वह परीक्षा देना हो या फिर कोई भी और कार्य करना. पहली बार सरकार की तरफ में हमें छूट देने का ऑर्डर मिला है.

बता दें कि 2016 में कर्नाटक हाई कोर्ट ने ऐसी एक याचिका को खारिज कर दिया था. उसमें सेवंथ-डे एडविंटिस्ट चर्च ने शनिवार को होनेवाली परीक्षा को टालने की गुजारिश की थी.

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