बिशप पर बलात्कार का आरोप लगाने वाली नन ने वेटिकन से लगाई न्याय की गुहार

इस महीने की शुरुआत में, सिस्टर लुसी को फ्रांसिस्कन क्लैरिस्ट कॉन्ग्रिगेशन द्वारा एफसीसी के उचित कानून के उल्लंघन में "उसकी जीवन शैली के लिए एक संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में असफल रहने के कारण निष्कासित कर दिया गया था.

पिछले साल सितंबर महीने में जालंधर के एक पूर्व बिशप पर बलात्कार का आरोप लगा सुर्खियों में आने वाली केरल की नन एक बार फिर सुर्खियों में हैं. शनिवार को नन ने फ्रांसिस्कन क्लैरिस्ट कॉन्ग्रिगेशन के फैसले के खिलाफ वेटिकन से अपील की है, फैसले में उन्हें निष्कासित कर दिया गया था.

कन्नूर की नन सिस्टर लुसी कलप्पुरा ने कहा, “मैंने अपील दायर की है. कल (शुक्रवार) वेटिकन को एक ईमेल भेजा था. मैंने आज (शनिवार) को वेटिकन के साथ-साथ नई दिल्ली में उनके प्रतिनिधियों को भी पोस्ट के माध्यम से भेजा है.

इस महीने की शुरुआत में, सिस्टर लुसी को फ्रांसिस्कन क्लैरिस्ट कॉन्ग्रिगेशन द्वारा एफसीसी के उचित कानून के उल्लंघन में “उसकी जीवन शैली के लिए एक संतोषजनक स्पष्टीकरण देने में असफल रहने के कारण निष्कासित कर दिया गया था.

निष्कासित नन ने यह भी कहा कि कॉन्ग्रिगेशन ने 10 अगस्त को उसकी मां को भी एक पत्र भेजा था, जिसमें कहा गया था कि वह अपनी बेटी को करकामला (वायनाड में) कॉन्वेंट से वापस घर ले जाएं.

ये भी पढ़ें: आर्टिकल 370 रद्द करने के फैसले को पूर्व नौकरशाहों ने दी सुप्रीम कोर्ट में चुनौती