केरल : मलयालम के मशहूर कवि अक्किथम का निधन, पिछले साल मिला था ज्ञानपीठ पुरस्कार

साल 2019 में कवि अक्किथम (Akkitham) को 55वें ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jnanpith Award) के लिए चुना गया था, उनका नाम मलयालम कविता जगत में बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता था. उन्होंने 55 किताबें लिखीं, जिनमें 45 कविता संग्रह भी शामिल हैं.

फेमस मलयालम कवि अक्किथम का आज 94 साल की उम्र में निधन हो गया.

पिछले साल 55 वां ज्ञानपीठ पुरस्कार (Jnanpith Award) जीतने वाले फेमस मलयालम कवि (Malayalam Poet) अक्किथम का आज 94 साल की उम्र में निधन हो गया. उन्होंने केरल के त्रिशूर (Trissur) में अंतिम सांस ली. उनका जन्म साल 1926 में केरल के पलक्कड़ (Palakkad) जिले में हुआ था. अक्किथम (Akkitham) का पूरा नाम अक्किथम अच्युतन नंबूथिरी था, लेकिन साहित्य की दुनिया में वह अक्किथम के नाम से प्रसिद्ध (Famous) थे.

उन्होंने अपनी रचनाओं के लिए कई साहित्यिक पुरस्कार (Award) जीते, जिसमें साल 1973 में दिया गया साहित्य अकादमी पुरस्कार भी शामिल है, इसके साथ ही उन्हें पद्म श्री पुरस्कार (Padam Shri) से भी सम्मानित किया गया था. पद्म श्री पुरस्कार से सम्मानित अक्किथम ने मलयालम (Malayalam) भाषा में कई फेमस निबंध, लघु कथाएं और अन्य साहित्यिक रचनाएं लिखीं, उनकी लेखनी का कई भारतीय और विदेशी भाषाओं (Indian or Foreign Languages) में अनुवाद भी किया गया है.

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फेमस मलयालम कवि का केरल में निधन

अक्किथम ने आठ साल की उम्र में लिखी पहली कविता

अक्किथम ने आठ साल की उम्र में अपनी पहली कविता लिखी थी. उनका नाम मलयालम के प्रतिष्ठित में गिना जाता था. साल 2019 में कवि अक्किथम को 55वें ज्ञानपीठ पुरस्कार के लिए चुना गया था, उनका नाम मलयालम कविता जगत में बहुत ही सम्मान के साथ लिया जाता था.

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अक्किथम ने 55 किताबें लिखीं, जिनमें 45 कविता संग्रह शामिल हैं. खंड काव्य, कथा काव्य, चरित्र काव्य उनकी कुछ प्रसिद्ध किताबें हैं. उनकी फेमस कृतियों में वीरवदाम, बालिदर्शनम, निमिषा क्षेठ्राम,अमृता खाटिका, अंतिमहकलम शामिल हैं.

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