मुसीबत में रंग बदलता है खीर भवानी मंदिर के इस चमत्कारी कुंड का पानी

लोगों के मुताबिक कश्मीर में जब 2014 में कुंड का पानी काला पड़ा था तो कश्मीर में भीषण बाढ़ आई थी.

कश्मीर के मां खीर भवानी मंदिर से कश्मीरी पंडितों की गहरी आस्था जुड़ी हुई है. कश्मीरी पंडितों की कुलदेवी मां खीर भवानी का मंदिर श्रीनगर से 27 किलोमीटर की दूरी पर तुलमुल गांव में स्थित है. यहां हर साल मई महीने में पूर्णिमा के आठवें दिन बड़ी संख्‍या में भक्‍त इकट्ठे होते हैं.

माता के मंदिर में मौजूद चमत्कारी कुंड काफी प्रसिद्ध है. कहा जाता है कि जब इस जगह कोई मुसीबत आने वाली होती है तो कुंड का पानी काला पड़ जाता है. लोगों के मुताबिक कश्मीर में जब 2014 में कुंड का पानी काला पड़ा था तो कश्मीर में भीषण बाढ़ आई थी. वहीं करगिल युद्ध के दौरान कुंड का पानी लाल हो गया था.

बताया जाता है कि मां खीर भवानी भक्तों को समय से पहले ही भविष्य बता देती हैं. यहां पर माता किसी पिंडी के रूप में न होकर जल रूप में विराजमान हैं. मंदिर के कुंड का पानी वक्त के हिसाब से अपना रंग बदलता है.

कश्मीर से आर्टिकल 370 हटने के बाद इस कुंड का पानी हरे रंग का है. मान्यतानुसार जब इस कुंड का पानी हरा होता है, कश्मीर तरक्की करता है.

Kashmir Kheer Bhawani, मुसीबत में रंग बदलता है खीर भवानी मंदिर के इस चमत्कारी कुंड का पानी

हनुमानजी ने देवी को कश्मीर में स्थापित

प्रचलित मान्यताओं के अनुसार रावण माता का परम भक्त था, वो अपने जप-तप से देवी को प्रसन्न रखता था. मगर धीरे-धीरे रावण का घमंड बढ़ता गया और वो दुराचारी हो गया. जब रावण ने मां सीता का अपहरण किया तो देवी ने उससे नाराज होकर अपना स्थान छोड़ दिया. इसके बाद उन्होंने हनुमान से अपनी मूर्ति को लंका से दूर स्थान पर रखने को कहा. उनकी आज्ञा मानकर हनुमान ने माता की मूर्ति को तुलमुल में स्थापित कर दिया.

खीर के भोग से खुश होती है देवी

मां खीर भवानी के मंदिर खीर का भोग लगाया जाता है. मान्यता है कि खीर का भोग लगाने से मां भक्तों से प्रसन्न रहती हैं. बाद में यही खीर प्रसाद के रूप में भक्तों को बांटी जाती है. मां खीर भवानी को स्थानीय लोग कश्मीर की देवी भी कहते हैं.

ये भी पढ़ें- पाकिस्‍तान की घनघोर बेइज्‍जती! ये तस्‍वीरें देख शर्म से गड़ जाएंगे इमरान खान