जिस ASAT मिसाइल क्लब में भारत हुआ है शामिल, उसके क्या हैं मायने?

पीएम नरेंद्र मोदी ने हाल ही में राष्ट्र के नाम दिए संदेश में भारत का अपना विकसित एंटी सैटेलाइट सिस्टम (A-SAT) देश को सौंपा है. जानिए क्या है ASAT मिसाइल?

ASAT यानी एंटी सैटेलाइट मिसाइल. ये मिसाइल खास तौर पर सैन्य मकसद से अंतरिक्ष में सैटटेलाइट्स को तबाह करने में इस्तेमाल किया जाता है. इस तकनीक को ASAT सिस्टम भी कहते हैं.हालांकि, अभी तक दुनिया के सामने ऐसे हालात नहीं बने, जब इस खास हथियार का इस्तेमाल किया गया हो.

विभिन्न देशों ने इस क्षेत्र में अपनी क्षमता दिखाने के लिए अपने खुद के सैटेलाइट मार गिराए हैं. यानी भारत को मिलाकर अभी तक सिर्फ 4 देशों ने इस ताकत को प्रदर्शित किया है. इस ताकत को हासिल करने की दिशा में शुरुआती प्रयास अमेरिका और सोवियत संघ ने किया.

शुरुआत में 50 के दशक में जमीन से लॉन्च होने वाली मिसाइलों के जरिए उपग्रह को निशाना बनाया जाता था. बाद में कुछ दूसरी तकनीक भी शामिल की गई. अमेरिका ने इस ताकत को हासिल करने के अपने तकनीकी विकास के क्रम में बड़ा कदम 1985 में उठाया. उस वक्त एक F-15 फाइटर जेट ने अमेरिकी एडवर्ड एयरफोर्स बेस से 38,000 फीट की उंचाई तक उड़ान भरी. लड़ाकू विमान ने इस ऊंचाई से ऊपर की दिशा में एक मिसाइल लॉन्च की.

मिसाइल के जरिए सोल्विंड P78-1 नाम के अमेरिकी गामा रे स्पेक्ट्रोस्कोपी सैटेलाइट को 555 किमी की परिधि में चक्कर काट रहे सैटटेलाइट को निशाना बनाया गया. वहीं, 2008 में भी अमेरिका ने एक खराब हो चुके जासूसी सैटेलाइट USA-193 को शिप से फायर की गई RIM-161 मिसाइल से निशाना बनाया.

 पीएम मोदी ने क्या कहा-

  • भारत आज अंतरिक्ष की महाशक्ति बना
  • कुछ ही समय पहले हमारे वैज्ञानिकों ने लो अर्थ ऑरबिट में एक लाइव सैटेलाइट को मार गिराया है
  • ये लक्ष्य 300 किलोमीटर दूर था
  • मिशन’शक्ति’ के तहत ऑपरेशन पूरा
  • सिर्फ 3 मिनट में पूरा हुआ ऑपरेशन
  • भारत में ही निर्मितASAT मिसाइल से मिली कामयाबी
  • भारत ऐसा करने वाला दुनिया का चौथा देश बना
  • हमारे वैज्ञानिकों पर हमें गर्व
  • ASAT मिसाइल भारत को सुरक्षा की दृष्टि से नई मजबूती देगी
  • हमारी अंतरिक्ष क्षमता किसी के विरुद्ध नहीं है
  • अब तक दुनिया के तीन देश- अमेरिका, रूस और चीन को यह उपलब्धि हासिल थी। अब भारत चौथा देश है, जिसने आज यह सिद्धी प्राप्त की है।
  • डीआरडीओ को बधाई देता हूं
  • हमारा मकसद शांति बनाए रखना है, युद्ध नहीं
  • अंतरिक्ष में भारत की प्रगति अहम है
  • देशवासियों के जीवन में सकारात्मक बदलाव के लिए आधुनिक तकनीक को अपनाना होगा