मोदी 2.0 के पहले बजट में किसको मिला क्या, पढ़िए Budget 2019 की 11 बड़ी बातें

अब इनकम टैक्स भरने के लिए पैन कार्ड की जानकारी आनिवार्य नहीं है आधार नंबर देकर भी काम पूरा किया जा सकता है.

नई दिल्ली: भारी बहुमत से दूसरी बार सत्ता में आई मोदी सरकार ने अपने पहले बजट में राजकोषीय मजबूती पर जोर देते हुए जहां एक तरफ पेट्रोल, डीजल पर कर बढ़ाया वहीं अमीरों पर अधिभार में वृद्धि की है.

इसके साथ सीसीटीवी कैमरा, वाहन कलपुर्जे, आप्टिकल फाइबर सहित दर्जनों सामानों पर सीमा शुल्क बढ़ाने के साथ आर्थिक गतिविधियों को गति देने के वास्ते अतिरिक्त संसाधन जुटाने का प्रसताव किया है.

देश की पहली महिला वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शुक्रवार को लोकसभा में 2019- 20 का बजट पेश करते हुए 2024-25 तक 5,000 अरब डालर की अर्थव्यवस्था के लिये रूपरेखा पेश करने के साथ सभी को बिजली, गैस कनेक्शन के साथ पक्का मकान और पेय जल उपलब्ध कराने की घोषणा की है.

इससे पहले पिछली सरकार ने फरवरी में अंतरिम बजट पेश किया था.

1. इस बजट में अर्थव्यवस्था को गति देने तथा मध्यम वर्ग को राहत देने के लिये आवास क्षेत्र में बैंक ऋण पर ब्याज में दी जाने वाली कर राहत को बढ़ाया गया है. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 45 लाख रुपये मूल्य तक का अपना पहला घर खरीद खरीदने वाले व्यक्तियों को चालू वित्त वर्ष के दौरान मंजूर बैंक कर्ज पर ब्याज पर 3.5 लाख रुपये तक के ब्याज पर कर में कटौती की छूट दी है. इस कदम से सस्ते आवास क्षेत्र को बढ़ावा देने में मदद मिलेगी. फिलहाल आवास ऋण के सालाना दो लोख रूपए तक के ब्याज पर कर में कटौती का लाभ मिलता है.

वित्त मंत्री ने कहा कि किराये के आवास को बढ़ावा देने के लिए सुधारवादी कदम उठाए जाएंगे और राज्यों के लिए किराया कानून का एक आदर्श प्रारूप तैयार कर जारी किया जाएगा.

2. निर्मला सीतारमण ने घोषणा की है कि साल 2022 तक प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत सभी को घर दिया जाएगा. वित्त मंत्री ने कहा कि अभी तक 26 लाख घरों का निर्माण पूरा हो चुका है, 24 लाख को घर दिया जा चुका है। हमारा लक्ष्य 2022 तक हर किसी को घर देने का है.

3. कंपनियों की कर घटाने की मांग पर ध्यान देते हुये 400 करोड़ रुपये तक का कारोबार करने वाली कंपनियों के लिये कर की दर 30 से घटाकर 25 प्रतिशत कर दी गई. इससे पहले 250 करोड़ रुपये के सालाना टर्नओवर वाली कंपनियां ही इस दायरे में थीं. नए फैसले से अब 99.30 प्रतिशत कंपनियां 25% के कॉर्पोरेट टैक्स के दायरे में आ जाएंगी जबकि सिर्फ 0.70 प्रतिशत कंपनी ही इससे बाहर रहेंगी.

4. बजट में आम वेतन भोगी तबके के लिये कर-स्लैब में कोई बदलाव नहीं किया गया है. अंतरिम बजट में पांच लाख रुपये तक की कर-योग्य आय पर दी गई आयकर छूट को बरकरार रखा है. इसके अलावा दो करोड़ से पांच करोड रुपये की कर योग्य कमाई पर 25 प्रतिशत और पांच करोड़ रुपये से अधिक की सालाना आय वालों पर 37 प्रतिशत की दर से कर अधिभार लगा दिया गया है. इससे सरकार को 12 हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त होगा.

5. नकद लेनदेन को हतोत्साहित करने के लिये बैंक खाते से सालभर में एक करोड रुपये से अधिक की नकद निकासी करने पर दो प्रतिशत की दर से स्रोत पर कर कटौती (टीडीएस) काटा जायेगा. कर अनुपालन बढ़ाने की दिशा में अनिवार्य कर रिटर्न भरने की दिशा में भी कदम उठाया गया है. वहीं दूसरी तरफ कुछ डिजिटल तौर तरीकों से भुगतान पर शुल्क और एमडीआर को समाप्त करने की घोषणा की गई है. कारोबारियों के लिये इन तरीकों से डिजिटल भुगतान अनिवार्य बनाया गया है.

6. राजकोषीय घाटा कम करने के लिये सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में हिस्सेदारी बेचने और रिजर्व बैंक, सरकारी बैंकों और सार्वजनिक उपक्रमों से अधिक लाभांश लेने पर जोर दिया गया है.

7. राजकोष की स्थिति को मजबूत बनाने के लिये पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क और उपकर में कुल मिलाकर दो रुपये प्रति लीटर वृद्धि की गई है. इससे सरकारी खजाने में 28,000 करोड़ रुपये आने का अनुमान है.

8. सोने पर आयात शुल्क बढ़ाने के साथ ही सीसीटीवी कैमरा, वीडियो रिकार्डर, आप्टिकल फाइबर, केबल, काजू गिरी सहित दर्जनों वस्तुओं पर सीमा शुल्क बढ़ाया गया है. इस शुल्क वृद्धि से 25,000 करोड़ रुपये का राजस्व मिलने का अनुमान है.

9. वित्त मंत्री ने मोदी सरकार की चुनाव घोषणाओं को पूरा करने की दिशा में कदम बढ़ाते हुये 2022 तक सभी को बिजली, गैस कनेक्शन के रूप में स्वच्छ ऊर्जा और आवास उपलब्ध कराने की घोषणा की है.

10. इसके साथ ही 2024 तक हर घर तक नल से पानी पहुंचाने के काम को भी अमली जामा पहनाने की दिशा में कदम बढ़ाया जायेगा. अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भूमिका को तरजीह देते हुये उन्हें कई तरह की वित्तीय सुविधायें देने की घोषणा बजट में की गई है.

11. मोदी सरकार ने पिछले 1000 दिनों में 130 से 135 कि.मी. लंबी सड़कें रोज बनाईं. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत ग्रीन टेक्नॉलजी के इस्तेमाल से 30 हजार किलोमीटर लंबी सड़कें बनाई जा चुकी हैं. इसमें वेस्ट प्लास्टिक और कोल मिक्स्ड टेक्नॉलजी से कार्बन फुटप्रिंट को कम किया गया है. प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तीसरे चरण में 1.25 लाख कि.मी. सड़कों को अगले पांच सालों में अपग्रेड किया जाएगा. इस पर 80,250 करोड़ रुपये की लागत आएगी.