सुप्रीम फैसले के बाद क्या टल जाएगा कर्नाटक संकट? पढ़िए अब आगे क्या होगा

सीजेआई रंजन गोगोई ने कहा कि मामले में संवैधानिक संतुलन बनाना जरूरी है, जो सवाल उठे हैं उनके जवाब बाद में तलाशे जाएंगे.

सुप्रीम कोर्ट के बुधवार के फ़ैसले के बाद कर्नाटक संकट मामले में नया ट्विस्ट आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने विधानसभा अध्यक्ष के आर रमेश को 15 विधायकों के इस्तीफ़े पर नियमानुसार निर्णय लेने को कहा है.

कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी बागी विधायकों को सदन की कार्यवाही में हिस्सा लेने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता है.

इस फैसले के बाद दोनों पक्ष अपनी जीत का दावा कर रहे हैं. वहीं कर्नाटक में सरकार रहेगी की जाएगी अब इसका फ़ैसला गुरुवार को होने वाले एचडी कुमारस्वामी के विश्वासमत पर टिका है.

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अब आगे क्या हो सकता है?

1) अगर बागियों के इस्तीफे मंजूर हुए : कर्नाटक में स्पीकर को छोड़कर विधायकों की संख्या 223 है. बहुमत के लिए 112 विधायकों का समर्थन जरूरी है. कांग्रेस (78), जेडीएस (37) और बसपा (1) की मदद से कुमारस्वामी सरकार के पास अभी 116 विधायक हैं, लेकिन 16 विधायक बागी होकर विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे चुके हैं.

अगर स्पीकर बुधवार को इन बागियों के इस्तीफे मंजूर कर लेते हैं तो सरकार को बहुमत के लिए 104 विधायकों की जरूरत होगी. सरकार के पास 100 का आंकड़ा होगा, जबकि भाजपा के पास 105 विधायक हैं और उसे दो निर्दलीय विधायकों का भी समर्थन हासिल है.

2) अगर बागी विधायक अयोग्य करार दिए गए : यदि स्पीकर बागियों को अयोग्य ठहरा देते हैं तो भी सदन में गुरुवार को विश्वास मत के दौरान सरकार को बहुमत के लिए 104 का आंकड़ा जुटाना होगा. यह उसके पास नहीं होगा. ऐसे में भी सरकार गिर जाएगी.

3) अगर बागियों ने सरकार के खिलाफ वोटिंग की: यदि 16 बागी विधायकों के इस्तीफे मंजूर नहीं होते हैं और वे फ्लोर टेस्ट के दौरान सरकार के खिलाफ वोटिंग करते हैं तो सरकार के पक्ष में 100 वोट पड़ेंगे. यह संख्या बहुमत के लिए जरूरी 112 के आंकड़े से कम होगी. ऐसे में कुमारस्वामी सरकार विश्वास मत खो देगी और सरकार के खिलाफ वोट करने पर बागियों की सदस्यता खत्म हो जाएगी.

4) यदि बागी विधायक सदन से अनुपस्थित रहें : इस स्थिति में विश्वास मत के समय सदन में सदस्य संख्या 207 रह जाएगी. बहुमत के लिए जरूरी आंकड़ा 104 का हो जाएगा. लेकिन, बागियों की अनुपस्थिति में सरकार के पक्ष में केवल 100 वोट पड़ेंगे और सरकार गिर जाएगी.

5) यदि कुमारस्वामी सरकार गिर गई : ऐसी स्थिति में भाजपा राज्यपाल वजूभाई वाला से मिलकर सरकार बनाने का दावा पेश करेगी. 76 वर्षीय बीएस येदियुरप्पा ने कहा कि कुमारस्वामी सरकार गिर गई तो हम तीन दिन में राज्य में भाजपा सरकार बना लेंगे.

कांग्रेस के 13 और जेडीएस के 3 विधायकों ने दिया इस्तीफा
उमेश कामतल्ली, बीसी पाटिल, रमेश जारकिहोली, शिवाराम हेब्बर, एच विश्वनाथ, गोपालैया, बी बस्वराज, नारायण गौड़ा, मुनिरत्ना, एसटी सोमाशेखरा, प्रताप गौड़ा पाटिल, मुनिरत्ना और आनंद सिंह इस्तीफा सौंप चुके हैं। वहीं, कांग्रेस के निलंबित विधायक रोशन बेग ने भी इस्तीफा दे दिया. 10 जून को के सुधाकर, एमटीबी नागराज ने इस्तीफा दे दिया था.

Related Posts