क्या राज्यपाल बर्खास्त कर देंगे कुमारस्वामी सरकार? कर्नाटक राजनीतिक संकट 10 पॉइंट में

गुरुवार को सदन में फ्लोर टेस्ट न होने के बाद अगले दिन यानी शुक्रवार को भी राज्यपाल द्वारा दो-दो डेडलाइन दिए जाने के बाद भी वोटिंग नहीं हो सकी.
कर्नाटक, क्या राज्यपाल बर्खास्त कर देंगे कुमारस्वामी सरकार? कर्नाटक राजनीतिक संकट 10 पॉइंट में

बैंगलुरू:  कर्नाटक राजनीतिक संकट थमने का नाम ही नहीं ले रहा है. गुरुवार को सदन में फ्लोर टेस्ट न होने के बाद अगले दिन यानी शुक्रवार को भी राज्यपाल द्वारा दो-दो डेडलाइन दिए जाने के बाद भी वोटिंग नहीं हो सकी. ऐसे में बीजेपी बार-बार राज्यपाल के पास इसकी शिकायत कर रही है तो वहीं कांग्रेस और जेडीएस वोटिंग को लगातार टालने का काम कर रही हैं. समझिए महज 10 पॉइंट्स में कर्नाटक का राजनीतिक हाल.

1. दो-दो डेडलाइन बीतने के बाद भी कर्नाटक विधानसभा में फ्लोर टेस्ट नहीं हो सका. शुक्रवार को राजनीतिक ड्रामें के बाद स्पीकर ने दो दिन के लिए सदन की कार्यवाही को स्थगित कर दिया. अब कार्यवाही सोमवार (22 जुलाई) को होगी.

2. कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच. डी. कुमारस्वामी ने शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. उन्होंने शीर्ष अदालत से 17 जुलाई के आदेश पर स्पष्टीकरण की मांग की जिसमें 15 बागी विधायकों को सदन की कार्यवाही में हिस्सा नहीं लेने के विकल्प चुनने की अनुमति प्रदान की गई है.

3. राजनीति के जानकारों की मानें तो राज्य सरकार का मानना है कि उसके पास बहुमत का पर्याप्त आंकड़ा नहीं है इसलिए वह विश्वास मत पर अभी वोटिंग न करा कर इसे अगले हफ्ते तक टालना चाहते हैं.

4. एक और पॉइंट ये भी सामने आ रहा है कि अगर विधानसभा स्पीकर के.आर रमेश कुमार अगली डेडलाइन तक विश्वास मत पर मतदान नहीं करा पाते हैं तो राज्यपाल अपने अधिकारों का इस्तेमाल कर राज्य सरकार को बर्खास्त कर सकते हैं.

5. जानकारों की मानें तो कुमारस्वामी भी ऐसा ही चाहते हैं. ताकि वह आगामी चुनावों में विक्टिम कार्ड खेल सकें साथ ही 1994 के एसआर बोम्मई बनाम भारत सरकार मामले की तरह ही सुप्रीम कोर्ट राज्यपाल द्वारा बर्खास्त की गई सरकार के फैसले की समीक्षा कर सकता है.

6. राज्यपाल द्वारा दी गई डेडलाइन पर स्पीकर के.आर रमेश का कहना है कि जब तक विधानसभा में बहस पूरी नहीं हो जाती तब तक विश्वास मत पर वोटिंग नहीं कराई जा सकती है.

7. स्पीकर की इस जिद को लेकर बीजेपी एक बार फिर राज्यपाल के पास पहुंच गई है. बीजेपी ने राज्यपाल बजुभाई वाला से इसकी शिकायत कर अपना पक्ष भी उनके सामने रखा है.

8. मालूम हो कि गुरुवार को विश्वास मत पर वोटिंग न होने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेता रातभर विधानसभा में रुक कर ही विरोध दर्ज करा रहे थे. बीजेपी के नेताओं ने अपना रात का खाना सदन में ही खाया और वहीं सोए भी.

9. कांग्रेस पार्टी भी सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है. उसका कहना है कि व्हिप जारी करना उसका हक है और कोर्ट के पिछले आदेश में उसके हकों का हनन हुआ है. उनसे ये अधिकार कोई भी नहीं छीन सकता. दरअसल कांग्रेस ने अपने विधायकों को सदन में मौजूद रहने के लिए व्हिप जारी नहीं की थी. जिसके चलते कई विधायक सदन में नहीं पहुंचे.

10. कर्नाटक विधानसभा का कहना है कि किसी भी बागी विधायक ने उनसे संपर्क नहीं किया है. अगर कोई भी विधायक उनसे संपर्क करता है तो उसे सुरक्षा दी जाएगी .

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