जानें, कौन है IAF का वो कश्मीरी अधिकारी? जिसने भारत-फ्रांस Rafale डील में निभाई अहम भूमिका

एयर कमोडोर हिलाल अहमद राथर (Hilal Ahmad Rather) कश्मीर के रहने वाले हैं, जो वर्तमान में फ्रांस (France) में भारत के एयर अटैच हैं और राफेल (Rafale) डील में उन्होंने एक अहम भूमिका निभाई है.

भारतीय वायुसेना (IAF) के लिए 29 जुलाई का दिन बेहद ही खास होने वाला है, क्योंकि उस दिन पांच राफेल (Rafale) लड़ाकू विमानों का पहला बैच भारत पहुंच रहा है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि कई साल पहले भारत और फ्रांस (France) के बीच हुई इस डिफेंस डील का एक कश्मीरी (Kashmir) कनेक्शन भी है.

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ऑनलाइन मीडिया के मुताबिक, जिस दिन फ्रांस से पांच राफेल फाइटर प्लेन भारत के लिए उड़ान भर रहे थे, तो उस दिन फ्रांस में भारतीय राजदूत जावेद अशरफ के साथ वायुसेना के एक वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे, जो अधिकतर हर तस्वीर में उनके साथ दिख रहे हैं. असल में वो अधिकारी एयर कमोडोर हिलाल अहमद राथर (Hilal Ahmad Rather) हैं, जो वर्तमान में फ्रांस में भारत के एयर अटैच हैं और इस डील में उनकी एक अहम भूमिका बताई जा रही है.

कश्मीर के अनंतनाग के रहने वाले हैं हिलाल अहमद

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो, एयर कमोडोर हिलाल अहमद ने सैनिक स्कूल से पढ़ाई की है और दक्षिण कश्मीर के अनंतनाग जिले के बख्शीबाद इलाके के रहने वालें हैं. उन्होंने 1988 में फ्लाइट लेफ्टिनेंट के तौर पर एयरफोर्स ज्वाइन की और आज वो एयर कमोडोर के पद पर तैनात हैं.

राफेल की जल्द डिलीवरी और हथियार का सारा काम देखा

रिपोर्ट्स में कहा गया है कि भारतीय परिस्थितियों के अनुसार लड़ाकू विमानों की जल्दी डिलीवरी और उसके हथियार का सारा काम एयर कमोडोर हिलाल के हाथों में ही था. उन्होंने एनडीए में स्वॉर्ड ऑफ ऑनर भी जीता है.

वायु सेना मेडल और विशिष्ठ सेवा मेडल से सम्मानित

एयर कमोडोर हिलाल अहमद ने मिग 21, मिराज -2000, और किरण विमान पर 3000 घंटे से ज्यादा की उड़ान भरी हैं. ऑनलाइन रिकॉर्ड्स के अनुसार, उन्हें साल 2010 में विंग कमांडर के रूप में वायु सेना मेडल से नवाजा गया था. इसके बाद 2016 में जब वे ग्रुप कैप्टन के पद पर थे, तब उन्हें विशिष्ठ सेवा मेडल भी दिया गया.

IAF के 12 पायलट्स ने ली राफेल को उड़ाने की ट्रेनिंग

मालूम हो कि पांच राफेल, 36 सुपरसोनिक ओनीरोल कॉम्बैड एयरक्राफ्ट का पहला बैच है, जिन्हें भारत फ्रांस से खरीद रहा है. अब तक 12 IAF फायटर पायलट्स ने फ्रांस में राफेल को उड़ाने की ट्रेनिंग ली है. वहीं कुछ और अभी ट्रेनिंग के एडवांस फेज में हैं.

जरूरत पड़ने पर 48 घंटों में आ सकते हैं और भी राफेल

अब तक भारत को कुल 10 राफेल विमान सौपें जा चुके हैं, उसमें से 5 अभी आ रहे हैं और पांच फ्रांस में रखे हुए हैं जिनसे इंडियन एयर फोर्स के पायलट्स को ट्रेनिंग दी जा रही है. अगर विशेष परिस्थिति हो तो जरूरत पड़ने पर वो पांच राफेल भी 48 घंटे में भारत के पास उपलब्ध हो सकते हैं.

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