एकादशी पर चावल खाने से लगता है पाप? जानें क्या है सच

शास्त्रों की मानें तो अक्षत यानी चावल चंद्रमा को काफी ज्यादा प्रभावित करता है. विष्णु पुराण के मुताबिक चावल के अंदर पाप बस जाता है.

एकादशी को लेकर अक्सर सुनने में आता है कि इस दिन चावल खाने की मनाही है. ज्यादातर घरों पर मां या दादी एकादशी के दिन चावल खाने पर रोक लगा देती हैं. उनके मुताबिक चावल खाने से पाप लग जाता है. ऐसे में जिज्ञासा ये होती है कि आखिर चावल और पाप का क्या कनेक्शन है?

शास्त्रों की मानें तो अक्षत यानी चावल चंद्रमा को काफी ज्यादा प्रभावित करता है. विष्णु पुराण के मुताबिक चावल के अंदर पाप बस जाता है.

दरअसल चावल एक तरह का अन्न है और इसकी खेती पानी में होती है. साइंस के हिसाब से पानी किसी भी तरह की एनर्जी को बहुत जल्दी और काफी मात्रा में ग्रहण कर लेता है. पानी में सबसे ज्यादा एनर्जी होती है, साथ ही वायरस, बैक्टीरिया और दूसरे एलिमेंट मौजूद होते हैं. पानी में निगेटिव सोर्सेज मिल जाते हैं और पानी को चावल के द्वारा सबसे ज्यादा सोखा जाता है.

वहीं जब आप चावल खाते हैं तब भी आपको ज्यादा प्यास लगती है. चावल की फसल, उसे पकाने और खाने तक पानी की जरूरत होती ही है.

एकादशी के दिन चंद्रमा पूर्णिमा या अमावस्या के नजदीक होता है इसलिए एक निश्चित लांगीट्यूड और लैटीट्यूड पर चावल की पानी सोखने की क्षमता कम हो जाती है. इसीलिए इस दिन अक्षत खाना निषिद्ध माना जाता है.