मां को बर्थडे सरप्राइज देना चाहते थे साठे, पहली बार पिता बनने वाले थे अखिलेश: दोनों पायलट के घर मातम

कोझिकोड विमान हादसे (Kozhikode Plane Crash) में दोनों पायलट कैप्टन दीपक वसंत साठे (Deepak Vasant Sathe) और को-पायलट अखिलेश शर्मा (Akhilesh Sharma) ने अपनी जान गंवा दी.

लोगों की जान बचाने के लिए कोझिकोड विमान हादसे (Kozhikode Plane Crash) में दोनों पायलट कैप्टन दीपक वसंत साठे (Deepak Vasant Sathe) और को-पायलट अखिलेश शर्मा (Akhilesh Sharma) ने अपनी जान गंवा दी. दीपक वसंत साठे 8 अगस्त को अपने होम टाउन नागपुर पहुंचकर अपनी मां को 83वें जन्मदिन पर सरप्राइज देना चाहते थे, लेकिन इस हादसे ने सबकुछ बदल दिया. वहीं अखिलेश शर्मा के घर में भी मातम पसरा हुआ है.

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‘केरल पहुंचकर मैं तुम्हें जल्द ही फोन करूंगा’

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, अखिलेश ने दुबई से भारत के लिए उड़ान भरने से पहले पत्नी मेघा से बात की थी, जो कि प्रेग्नेंट है. यह अखिलेश और मेघा का पहला बच्चा है. अखिलेश ने फोन पर मेघा से कहा था- ‘केरल पहुंचकर मैं तुम्हें जल्द ही फोन करूंगा.’ पर कुदरत को कुछ और ही मंजूर था. अखिलेश केरल तो पहुंचे, पर हादसे ने उनकी जान ले ली.

शुक्रवार को रात 8 बजे, वंदे भारत मिशन के तहत एयर इंडिया एक्सप्रेस का विमान कोझिकोड एयरपोर्ट पर उतरा, लेकिन लैंडिंग के दौरान फिसलने की वजह से यह हादसे का शिकार हो गया. इस हादसे में 59 वर्षीय दीपक साठे और 32 वर्षीय अखिलेश शर्मा दोनों ही पायलट की मौत हो गई. दोनों पायलट्स समेत इस हादसे में 19 लोगों की जान गई है. विमान में 190 यात्री सवार थे.

लीला-वसंत ने खोए दोनों बेटे

दीपक साठे की मां लीला और आर्मी से रिटायर्ड उनके पिता वसंत दोनों ही नागपुर रहते हैं. लीला और वसंत अपने दोनों ही बेटों को खो चुके हैं. इनका बेटा विकास, जो कि सेना में था, वो 1980 के दशक में एक एक्सिडेंट का शिकार हो गया था, जिसमें उसकी जान चली गई. अब दोनों ने अपने दूसरे बेटे दीपक को भी खो दिया है.

लीला ने कहा कि भारतीय वायुसेना में एक विंग कमांडर के तौर पर साठे ने फोर्स में एक मिसाइल स्क्वाड्रन की कमान संभाली थी, जो उनके जीवन का गौरव था. उन्होंने कहा कि हमारा सैनिकों का परिवार हैं. दीपक साठे एनडीए में टॉपर थे और डिंडीगुल फ्लाइंग अकादमी में उन्हें स्वॉर्ड ऑफ ऑनर से सम्मानित किया गया था. दीपक साठे अपने पीछे मां-बाप, पत्नी सुषमा और दो बेटे शांतनु और धनंजय को छोड़ गए हैं. साठे की बॉडी लेने के लिए उनका परिवार कोझिकोड पहुंच चुका है.

अखिलेश के घर पसरा मातम

को-पायलट अखिलेश शर्मा का परिवार मथुरा के गोविंद नगर में रहता है. शर्मा के पिता तुलसीराम ने कहा कि उन्हें शुक्रवार की रात 10 बजे घटना का एहसास हुआ, जब उन्होंने टीवी पर विमान के दुर्घटानाग्रस्ट और उसके दो टुकड़े होने की खबर देखी.

62 वर्षीय तुलीसराम ने कहा कि मुझे नहीं समझ आ रहा था कि क्या करना है. मैंने अपने छोटे बेटे लोकेश से कहा कि वह एयर इंडिया के अधिकारियों को फोन करे और अखिलेश के बारे में पूछे. उन्होंने हमें बताया कि उसकी हालत गंभीर थी. बाद में, आधी रात के आसपास, उन्होंने मुझे बताया कि अखिलेश की मृत्यु हो गई है. अखिलेश का छोटा भाई भुवनेश, जो कि गुड़गांव में रहता है, वह अपने भाई का शव लेने के लिए कोझिकोड पहुंच गए हैं.

पिता चाहते थे आईएएस ऑफिसर बनें अखिलेश

अखिलेश के परिवार में माता-पिता, पत्नी के अलावा दो छोटे भाई और एक बड़ी बहन है. दो साल पहले अखिलेश की शादी मेघा से हुआ थी. दोनों कोझिकोड के एयर इंडिया बेस में रहते थे. चूंकि मेघा गर्भवती हो गई, तो वह जून में ससुराल आ गई थी. परिवार का कहना है कि दोनों का पहला बच्चा है, इसलिए अखिलेश ने 21 अगस्त से 15 दिनों की छुट्टी के लिए अप्लाई किया हुआ था.

शर्मा के पिता कहते हैं कि उन्होंने चाहा था कि उनका बेटा आईएएस ऑफिसर बने, लेकिन अखिलेश की इच्छा पायलट बनने की थी. अखिलेश ने साल 2017 में एयर इंडिया ज्वॉइन किया था. वह अपने गांव के पहले पायलट थे.

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