लद्दाख: डेपसांग पर है चीन की बुरी नजर? एक्सपर्ट्स को बस छलावा लग रही पैंगोंग झील पर ताजा हरकत

लद्दाख (Ladakh Border News) में ड्रैगन चीन आखिर चाहता क्या है यह समझना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. पैंगोंग (Pangong Tso) में ताजा विवाद के बीच अब एक्सपर्ट्स को एक और आशंका है. हो सकता है कि पैंगोंग में चीन की हिमाकत सिर्फ दिखावा हो और उसका मुख्य टारगेट डेपसांग (Depsang) हो.

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  • Publish Date - 8:34 am, Fri, 18 September 20
Depsang

लद्दाख (Ladakh Border News) में ड्रैगन चीन आखिर चाहता क्या है यह समझना टेढ़ी खीर साबित हो रहा है. पैंगोंग (Pangong Tso) में ताजा विवाद के बीच अब एक्सपर्ट्स को एक और आशंका है. चीन की हरकतों से वाकिफ एक्सपर्ट मानते हैं कि हो सकता है कि पैंगोंग में चीन की हिमाकत सिर्फ दिखावा हो और उसका मुख्य टारगेट डेपसांग (Depsang) हो. डेपसांग इलाका लद्दाख में ही पैंगोंग से करीब 322 किलोमीटर दूर है.

बता दें कि डेपसांग लद्दाख का वह इलाका है जहां चीन अप्रैल महीने से भारतीय जवानों को पैट्रोलिंग पाइंट्स पर जाने से रोक रहा है. इंडियन एक्सप्रेस की एक खबर में एक सुरक्षा अधिकारी के हवाले से छपा था कि यहां हाल के सालों में भारत ने कोई जमीन को नहीं गंवाई है लेकिन भारतीय जवान करीब 10-15 सालों से अपने भूभाग के बड़े हिस्से पर नहीं पहुंच पाए हैं.

राजनाथ सिंह के बयान में नहीं आया डेपसांग का जिक्र

खबरों के मुताबिक, रक्षा मामलों के जानकारों के बीच यह टेंशन जरूर है कि कहीं चीन पेंगोंग झील इलाके और दूसरे निचले इलाकों में विवाद पैदा करके भारत का ध्यान डेपसांग से हटाने की कोशिश तो नहीं कर रहा. यह चिंता लोकसभा और राज्यसभा में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के बयान के बाद और ज्यादा बढ़ी है. दरअसल, राजनाथ सिंह ने दोनों ही बयानों में जब लद्दाख के ताजा विवाद का जिक्र किया तो उन्होंने डेपसांग पर कोई बात नहीं की, ना ही उसका जिक्र ही आया. जबकि यहां भी भारतीय सैनिकों की पैट्रोलिंग को चीन ने अप्रैल से ही रोकने की कोशिशें शुरू कर दी थीं.

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इस बारे में जब एक सैन्य अधिकारी से सवाल पूछा गया तो उन्होंने कहा कि डेपसांग (Depsang) को ताजा विवाद के साथ जोड़कर नहीं देखा जा सकता क्योंकि यह पुराना विवाद है. यह भी कहा गया कि चीन ने वहां हाल में यथास्थिति को बदलने की कोशिश नहीं की है.

5 महीनों से रोक रही भारतीय सेना का रास्ता

पिछले 5 महीनों से चीनी सेना डेपसांग में भारतीय सेना को पैट्रोलिंग से रोकने की कोशिश कर रही है. यहां भारतीय सेना अपने इलाके 10, 11, 11A, 12 और 13 में पेट्रोलिंग करती रही है. चीनी सेना पीएलए ने अपने यहां बॉटलनेक और वाई-जंक्शन के पास कैंप लगाए हुए हैं, इसी वजह से पैट्रोलिंग में दिक्कतें आ रही हैं.

चीन के लिए महत्वपूर्ण है इलाका

इस इलाके को लेकर चीन की चिंता ज्यादा बड़ी है. दरअसल, डेपसांग-दौलत बेग ओल्डी सेक्टर से चीन का वेस्टर्न हाइवे जी-129 काफी नजदीक है. यह हाइवे तिब्बत को शिनजियांग प्रांत से जोड़ता है. यहां चीन ने बॉर्डर पार हजारों की सेना में जवान तैनात किए हुए हैं जिनके पास टैंक और अर्टलरी गन हैं.