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बातचीत से सुलझता दिख रहा लद्दाख बॉर्डर विवाद, इन वजहों से ढीले पड़े चीन के तेवर

महीनों से चला आ रहा भारत-चीन बॉर्डर विवाद (India China Border Issue) अब सुलझने की ओर है. बशर्ते इस बीच चीन कोई चाल ना चले.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 7:21 am, Fri, 16 October 20
Ladakh
भारत और चीन के बीच लंबे वक्त से तनाव (सांकेतिक फोटो)

महीनों से चला आ रहा भारत-चीन बॉर्डर विवाद (India China Border Issue) अब सुलझने की ओर है. बशर्ते इस बीच चीन कोई चाल ना चले. जानकारी मिली है कि कमांडर स्तर की सात राउंड की बातचीत के बाद दोनों देशों के बीच बॉर्डर पर तनाव कम करने के लिए गंभीर मुद्दों चर्चा हुई है. बता दें कि भारत के कुछ कदमों के बाद ही चीन के तेवर थोड़े ढीले हुए हैं.

वैसे सरकार की तरफ से फिलहाल इसपर कुछ जानकारी नहीं दी गई है. विदेश मंत्री एस जयशंकर ने भी गुरुवार को बस इतना कहा था कि बातचीत गोपनीय है और कुछ भी कहना जल्दबाजी होगा.

गलवान, पैंगोंग पर भारत ने की एकसाथ बात!

टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक, भारत व्यापक तरह से बॉर्डर विवाद को खत्म करना चाहता है. मतलब भारत उन सब विवादों के पाइंट्स पर एकसाथ बातचीत कर रहा है जिनपर भारत और चीन के जवान आमने-सामने आए. मतलब गलवान, पैंगोंग समेत बाकी विवाद की जगहों पर एकसाथ बात की जा रही है, कि चीन अपनी सेना को सभी जगहों से पीछे भेजे.

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ढीले हुए हैं चीन के तेवर

इसे अभी बहुत बड़ी कामयाबी के तौर पर तो नहीं लेकिन विवाद खत्म होने की तरफ बढ़ते कदम के तौर पर देख सकते हैं. दरअसल, चीन के तेवर तब से ही ढीले हैं जब से पैंगोंग झील की ऊंची पहाड़ियों पर भारतीय जवानों ने अपना कब्जा किया है. इतना ही नहीं भारत का बीतचीत के लिए विदेश मंत्रालय के अधिकारी नवीन श्रीवास्तव को भेजना भी काम कर गया. नवीन श्रीवास्ताव छठे और सातवें दौर की बातचीत का हिस्सा थे. दोनों देशों के बीच हुई पिछले दो राउंड की बातचीत को इसलिए भी सफल माना जा रहा है क्योंकि दोनों ही बार भारत और चीन ने साझा बयान जारी किया था.

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