Article 370 पर संसद में जामयांग का भाषण सुन कांग्रेसियों के छूटे पसीने, PM मोदी ने की अपील, जरूर सुनें

लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान लद्दाख से भारतीय जनता पार्टी के सांसद जामयांग शेरिंग ने जोरदार भाषण दिया

नई दिल्ली: “आज भारत के इतिहास में वो दिन है जो गलती जवाहर लाल नेहरू ने की, उसका सुधार हो रहा है. 70 साल तक कांग्रेस-पीडीपी-नेशनल कॉन्फ्रेंस ने लद्दाख को अपनाया नहीं और आज वहां की बात कर रहे हैं. ये लोग लद्दाख को जानते तक नहीं हैं और किताबें पढ़कर बोल रहे हैं.” बीजेपी सांसद जामयांग शेरिंग ने जैसे ही ये बात बोली वैसे ही कांग्रेसी सांसदों ने सदन में हंगामा कर दिया. लेकिन जामयांग रुके नहीं. बीजेपी सांसदों ने जामयांग का हौसला बढ़ाया और फिर ये युवा सांसद बोलता ही चला गया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ट्वीट कर बीजेपी सांसद के भाषण की तारीफ की. उन्होंने लद्दाख के सांसद के भाषण का भी ट्वीट किया.

Article 370 को लेकर केंद्र सरकार ने जो फैसला लिया है, उसको लेकर सड़क से लेकर संसद तक बहस छिड़ी हुई है. लोकसभा में जम्मू-कश्मीर पुनर्गठन बिल पर चर्चा के दौरान लद्दाख से भारतीय जनता पार्टी के सांसद जामयांग शेरिंग ने जोरदार भाषण दिया और लद्दाख को केंद्र शासित प्रदेश बनाने के लिए शुक्रिया किया. जामयांग शेरिंग का भाषण ऐसा रहा कि गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत पूरा सदन उनके हर वाक्य पर तालियां पीटता नजर आया.

जामयांग शेरिंग ने कहा, “हम शुरू से ही हिंदुस्तान का अटूट अंग बनना चाहते थे. हमने तब भी कहा था कि लद्दाख को कश्मीर के साथ मत रखिए. शेरिंग बोले कि धारा 370 की वजह से हमारा विकास नहीं हुआ और इसके लिए कांग्रेस पार्टी जिम्मेदार है.

सेरिंग आगे बोलते हैं कि 1965-71-99 की लड़ाई में हमेशा लद्दाख के लोगों ने बलिदान दिया है. उन्होंने कहा कि नेशनल कॉन्फ्रेंस के सांसद कह रहे थे कि धारा 370 हटने से बहुत कुछ खो देंगे, मैं उनकी बात मानता हूं कि इससे एक चीज जरूर खो देंगे. वो है दो परिवारों की रोजी रोटी, जो अबतक कश्मीर पर राज कर रहे थे. बीजेपी सांसद ने कहा कि केंद्र शासित प्रदेश बनाना हमारे मेनिफेस्टो का हिस्सा था और इसलिए लोगों ने हमें वोट दिया था.

उन्होंने अपने भाषण के दौरान पूर्व की यूपीए सरकार पर जमकर निशाना साधा और कहा कि आपकी सरकार लद्दाख के नाम पर पैसा ले जाते थे और कश्मीर में उड़ाते थे. आप लोग 1000 नौकरी में से 10 नौकरी के लिए भी लद्दाख वालों को नहीं चुनते थे. लद्दाख में एक भी एजुकेशन का इंस्टीट्यूट नहीं है. आप लोगों ने लद्दाख की भाषा को आजतक जगह नहीं दी.
धारा 144 के तहत करगिल बंद के आरोप पर उन्होंने कहा कि आज करगिल बंद नहीं है, ये लोग सिर्फ एक सड़क को करगिल समझते हैं. वहां पर इस फैसले का स्वागत किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि जिन दो परिवार की मैं बात कर रहा हूं वो ही कश्मीर की दिक्कत का हिस्सा हैं. वो आज भी नशे में हैं और समझते हैं कि कश्मीर उनके बाप की जागीर है.

वहीं पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने धारा 370 के बारे में लिखा, ‘राष्ट्रीय अखंडता को बनाए रखने के लिए जम्मू-कश्मीर के एकतरफा टुकड़े नहीं किए जा सकते. इसके लिए संविधान को ताक पर रख कर चुने हुए प्रतिनिधियों को जेल में नहीं डाला जा सकता. देश लोगों से बनता है न कि जमीन और जमीन से. कार्यकारी शक्तियों का दुरुपयोग हमारी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकता है.’