भारत में कोरोना संक्रमण की हॉटस्पॉट बनी जगहों की हुई पहचान, रैपिड टेस्ट की तैयारी में सरकार

आईसीएमआर (ICMR) के सीनियर वैज्ञानिक मनोज (Manoj) ने बताया कि गुरुवार को अबतक का सबसे ज्यादा 8000 टेस्ट देश में किया गया. इसकी संख्या को हम और भी बढा रहे हैं. साथ ही देश में जितने हॉटस्पॉट बन रहे हैं, वहां रैपिड टेस्ट करने की तैयारी है.
corona patients found, भारत में कोरोना संक्रमण की हॉटस्पॉट बनी जगहों की हुई पहचान, रैपिड टेस्ट की तैयारी में सरकार

देश में कई ऐसे इलाके हैं जहां बड़ी संख्या में कोरोना (Corona) के मरीज पाए गए हैं. स्वास्थ्य मंत्रालय (Health Ministry) ने इन जगहों को हॉटस्पॉट (Hotspot) के तौर पर चिन्हित किया है. यहां पर नए सिरे से कोरोना के संक्रमित लोगों की तलाश की जा रही है.

इंडियन काउसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से इन हॉटस्पॉट के लिए नए सिरे से गाइडलाइन तैयार की जा रही है.

आईसीएमआर की ओर से वरिष्ठ वैज्ञानिक मनोज ने बताया कि गुरुवार को अबतक का सबसे ज्यादा 8000 टेस्ट देश में किया गया. इसकी संख्या को हम और भी बढा रहे हैं. साथ ही देश में जितने हॉटस्पॉट बन रहे हैं वहां रैपिड टेस्ट करने की तैयारी है जिससे की एक घंटे में किसी भी व्यक्ति के अंदर कोरोना के लक्षण पता चल सके.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

एक घंटे में पता चलेगा

एंटीबॉडी जो कोविड का है वह सात से दस दिन में पता चलता है. इसलिए रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट बहुत कारगर नहीं है. लेकिन इस टेस्ट से यह पता चल सकता है कि मरीज में कोरोना के लक्षण हैं या नहीं. पूरा टेस्ट करने के लिए हमें दूसरे टेस्ट के लिए ही जाना पड़ेगा.

रैपिड एंटीबॉडी टेस्ट उन स्थानों पर जाना कारगर है जहां बड़ी तादाद में कोरोना संक्रमित मरीज पाए जा रहे हैं. यह बिल्कुल प्रेगनेंसी टेस्ट की तरह है. जैसे प्रेगनेंसी में आपको तुरंत पता चल जाता है. ठीक इसी तरह इस टेस्ट में भी कोरोना के प्रारंभिक लक्षण हमें दिख जाएगा.

इसके लिए आईसीएमआर की ओर से गाइडलाइन बनाई जा रही है. संभव है शनिवार तक यह गाइडलाइन आ जाएगी.

जोन में बांटा जा रहा है

किसी भी एक हॉटस्पॉट के दायरे को पहले तय किया जा रहा है. मसलन अगर किसी एक मुहल्ले के एक मकान या आसपास के मकान में कोरोना संक्रमित है और उसकी वजह से पूरे मोहल्ले में कोरोना फैल रहा है, या फिर संक्रमित लोग पाए जा रहे हैं तो ऐसी स्थिति में जोनों में इलाके को बांटा जा रहा है. जहां सबसे ज्यादा संक्रमण है उसे रेड जोन में डाला गया है. उसके बाद येलो जोन बनाया गया है.

हॉट स्पॉट में एपीसेंटर

केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय सबसे पहले हॉटस्पॉट तय करती है. उसके बाद उस हॉटस्पॉट में एपीसेंटर ढूंढा जाता है. इसी एपीसेंटर के हिसाब से टेस्टिंग होती है. एपीसेंटर के आसपास के सभी लोगों की प्रारंभिक जांच की जा रही है. जांच की इस प्रक्रिया को और भी तेज किया जा रहा है.

आईसीएमआर के वैज्ञानिक के अनुसार टेस्टिंग की तादाद पहले से ज्यादा हो गई है और इसे आने वाले समय में और ज्यादा करने की तैयारी है.

रैपिड एक्शन टीम

जोन के हिसाब से स्थानीय स्तर पर रैपिड एक्शन टीम काम कर रही है. यह टीम केन्द्रीय टीम के साथ मिलकर जिले के जिलाधिकारी की अध्यक्षता में काम कर रही है.

यह टीम 24 घंटे काम करती है और किसी भी वक्त इलाके में पहुंचकर संदिग्ध की पहचान में जुट जाती है. इसमें डॉक्टरों के साथ पुलिस की टीम को भी साथ में रखा गया है.

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

Related Posts