अब तीरंदाज होंगे सिविल सर्वेंट्स, जानें सरकार क्‍यों देगी ये स्‍पेशल ट्रेनिंग

ट्रेनी सिविल सर्वेंट्स को मसूरी की लाल बहादुर शास्‍त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिन‍िस्‍ट्रेशन (LBSNAA) में ट्रेनिंग मिलती है.
Archery LBSNAA Civil Servants, अब तीरंदाज होंगे सिविल सर्वेंट्स, जानें सरकार क्‍यों देगी ये स्‍पेशल ट्रेनिंग

देश के भावी अधिकारियों को तीरंदाजी (Archery) सिखाई जाएगी. प्रोबेशन पर चल रहे ऑफिसर्स को यह ट्रेनिंग दी जाएगी. इस कवायद का मकसद ऑफिसर्स के भीतर ‘धैर्य, फोकर्स और एकाग्रता’ बढ़ाना है. ट्रेनी सिविल सर्वेंट्स को मसूरी की लाल बहादुर शास्‍त्री नेशनल एकेडमी ऑफ एडमिन‍िस्‍ट्रेशन (LBSNAA) में ट्रेनिंग मिलती है. यहां 13 से 15 नवंबर के बीच, नेशनल चैंपियन दिनेश भील ट्रेनी Civil Servants को निशाना लगाना सिखाएंगे.

भील ने अपनी जिंदगी आदिवासी युवाओं को इस खेल के लिए ट्रेन करने में लगा दी है. वह छोटा उदयपुर के पास एक तीरंदाजी की एकेडमी चलाते हैं. वे LBSNAA के 370 ट्रेनी ऑफिसर्स को तीरंदाजी के गुर बताएंगे. उन्‍होंने द इंडियन एक्‍सप्रेस से कहा, “तीरंदाजी से एकाग्रता और फोकस बढ़ता है, धैर्य भी.”

भील ने कहा, “ताकत से ज्‍यादा दिमाग मजबूत होना जरूरी है. किसी भी खिलाड़ी के लिए कंट्रोल और कोऑर्डिनेशन की तकनीक पर मास्‍टरी हासिल करना जरूरी है. ये एक्‍सरसाइज अफसरों के बेहद काम आएगी.”

LBSNAA ने ट्रेनिंग मॉड्यूल में तीरंदाजी को शामिल करने का फैसला यूं ही नहीं किया. पिछले महीने ट्रेनी ऑफिसर्स को नर्मदा जिले में बनी ‘स्‍टैच्‍यू ऑफ यूनिटी’ ले जाया गया था. यहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्‍हें संबोधित किया था. इसी दौरान अधिकारियों की भील से मुलाकात हुई और उन्‍होंने तीरंदाजी को समझा. ट्रेनी ऑफिसर्स की उत्‍सुकता देख LBSNAA ने तीरंदाजी को ट्रेनिंग में शामिल करने का फैसला किया.

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