IIM-अहमदाबाद को प्रवासी मजदूरों ने भेजा लीगल नोटिस, 2 महीने का वेतन न देने का लगाया आरोप

लीगल नोटिस में मजदूरों के वकील की तरफ से दावा किया गया है कि पुलिस ने कई मजदूरों को हिरासत में लिया है और कुछ को बुरी तरह पीटा है. यह भी कहा गया है कि हिरासत में लिए गए दो मजदूरों को कोरोनावायरस पॉजिटिव (Coronavirus positive) पाया गया है.
Indian Institute of Management Ahmedabad, IIM-अहमदाबाद को प्रवासी मजदूरों ने भेजा लीगल नोटिस, 2 महीने का वेतन न देने का लगाया आरोप

इंडियन इंस्‍टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट अहमदाबाद (IIM-Ahmedabad) में निर्माण कार्य कर रहे प्रवासी मजदूरों (Migrant labours) की ओर से संस्‍थान को एक लीगल नोटिस भेजा गया है. इसमें मजदूरों ने संस्‍थान पर लॉकडाउन के दौरान दो महीने का वेतन न देने का आरोप लगाया है. हालांकि संस्‍थान ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है.

देखिये फिक्र आपकी सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 9 बजे

वेतन के मुद्दे को लेकर संस्थान के पास इकट्ठा हुए मजदूरों की सोमवार को पुलिस के साथ झड़प हो गई थी. इस दौरान मजदूरों ने पुलिस और रास्ते में गुजर रही गाड़ियों पर पथराव किया था.

अधिकारियों के मुताबिक, घटना के दौरान लगभग 100 मजदूर IIM-अहमदाबाद के पास एक व्यस्त रोड पर इकट्ठा हो गए थे और मांग कर रहे थे कि उन्हें तुरंत उनके घर भेजा जाए.

मजदूरों ने पुलिस और गाड़ियों पर फेंके पत्थर

इस दौरान मजदूरों ने पुलिस पर और पास गुजर रही गाड़ियों पर पत्थर भी फेंके. पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर करने के लिए उनपर आंसूगैस के गोले छोड़े और लगभग 100 लोगों को गिरफ्तार कर लिया.

अब प्रवासी मजदूरों के वकील आनंदवर्धन याग्निक ने IIM अहमदाबाद के डायरेक्‍टर, गुजरात के मुख्‍य सचिव, अतिरिक्‍त मुख्‍य सचिव और डिप्‍टी लेबर कमिश्‍नर को लीगल नोटिस भेजा है.

याग्निक का कहना है कि 28 अप्रैल से अब तक कई बार आग्रह के बावजूद IIM अहमदाबाद और ठेकेदार ने झारखंड और पश्चिम बंगाल के प्रवासी मजदूरों को यहां से भेजने का कोई इंतजाम भी नहीं किया है.

हिरासत में लिए गए दो मजदूर कोरोना पॉजिटिव

इस लीगल नोटिस में मजदूरों के वकील की तरफ से दावा किया गया है कि पुलिस ने कई मजदूरों को हिरासत में लिया है और कुछ को बुरी तरह पीटा है. यह भी कहा गया है कि हिरासत में लिए गए दो मजदूरों को कोरोनावायरस पॉजिटिव पाया गया है.

वहीं, IIM-अहमदाबाद की डायरेक्टर एरल डी’सूजा का कहना है कि ‘सभी मजदूरों को उनका बकाया चुका दिया गया है. राज्य सरकार की ओर से मजदूरों के ट्रैवल परमिट और ट्रांसपोर्टेशन की व्यवस्था को लेकर हो रही देरी सोमवार को हुई घटना के पीछे की मुख्य वजह है.’

मालूम हो कि केंद्र सरकार की ओर से यह निर्देश दिया गया है कि लॉकडाउन के दौरान सभी मजदूरों को उनका पूरा वेतन देना होगा. हालांकि, लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजूदरों को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

देखिये परवाह देश की सोमवार से शुक्रवार टीवी 9 भारतवर्ष पर हर रात 10 बजे

Related Posts