नाम बड़े और दर्शन छोटे – देश के 10 गुरुघंटालों की कहानी

साल 2010 के बाद, करोड़ों-अरबों की धोखाधड़ी कर गायब हो जाने वाले गुरुघंटालों की संख्‍या बढ़ी है. हर एक पर कई सौ करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है.

भारत में करोड़ों-अरबों की धोखाधड़ी कर गायब हो जाने वाले गुरुघंटालों की कमी नहीं. साल 2010 के बाद से ऐसे अपराधियों की संख्‍या बढ़ी है. कड़े टैक्‍स कानून और बैंकिंग सिस्‍टम में ट्रांसपेरेंसी बढ़ने के साथ-साथ ऐसे मामले तेजी से सामने आए हैं.

पिछले साल केंद्र सरकार ने उन लोगों के नाम देश को बताए थे जो भारत में फायनेंशियल फ्रॉड कर विदेश भाग गए. इनमें से हर एक पर कई सौ करोड़ रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप है.

केंद्र की लिस्‍ट में कई ऐसे नाम हैं जिनकी जांच CBI और ED, दोनों कर रहे हैं. इनमें कई नाम तो ऐसे थे जो खासे मशहूर थे. आइए जानते हैं ऐसे ही 10 गुरुघंटालों के बारे में.

विजय माल्‍या

विजय माल्‍या को भारत में ‘आर्थिक अपराधों का पोस्‍टर ब्‍वॉय’ कहा जा सकता है. उसपर धोखाधड़ी, अरबों रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग जैसे आरोप हैं. माल्‍या के पीछे आयकर विभाग और सीबीआई की टीमें हैं. भारत के 17 बैंक सुप्रीम कोर्ट जाकर गुहार लगा चुके हैं कि माल्‍या ने कर्ज के रूप में जो 9,000 करोड़ रुपये लिए थे, वो उन्‍हें वापस दिलाए जाएं.

कभी ‘किंग ऑफ गुड टाइम्‍स’ कहे जाने वाले माल्‍या का बुरा वक्‍त 2012 से शुरू हुआ. मार्च, 2016 में माल्‍या ने भारत छोड़ ब्रिटेन में शरण ले ली थी. तब से वो वहीं पर रह रहा है. माल्‍या की पावर सर्किल्‍स में पहुंच का अंदाजा इस बात से लगाइए कि जब वह विदेश भागा, उस समय वह राज्‍यसभा सांसद था. अप्रैल 2016 में विदेश मंत्रालय ने उसका पासपोर्ट रद्द कर दिया. 2 मई, 2016 को माल्‍या ने सांसद पद से इस्‍तीफा दिया. अब भारत चाहता है कि माल्‍या को देश वापस लाकर उसका ट्रायल चलाया जाए.

नीरव मोदी

हीरों का सौदा करने वाले नीरव मोदी पर 13,500 करोड़ रुपये का कर्ज लेकर भाग जाने का आरोप है. फिलहाल वह ब्रिटिश जेल में कैद है और भारत प्रत्‍यर्पित किए जाने की कोशिशें चल रही हैं. मोदी पर आरोप है कि उसने अपने मामा मेहुल चोकसी संग मिलकर पंजाब नेशनल बैंक (PNB) से फ्रॉड किया. इसमें बैंक के कुछ कर्मचारियों ने भी उसका साथ दिया.

मोदी के खिलाफ CBI और ED जांच कर रहे हैं. उसपर मनी लॉन्ड्रिंग और इकॉनमिक ऑफेंसेज एक्‍ट के तहत केस दर्ज हैं. मोदी और चोकसी दोनों जनवरी 2018 में PNB फ्रांड का खुलासा होने से पहले भारत से भाग गए थे. मोदी पर अमेरिका में भी एक मुकदमा चल रहा है कि उसने एक ग्राहक को लैब में बनी अंगूठियां असली बताकर बेच दीं.

मेहुल चोकसी

नीरव मोदी के मामा मेहुल चोकसी को भारत ‘भगोड़ा’ घोषित कर चुका है. इस समय एंटीगा एंड बरबूडा में रह रहे चोकसी को भारतीय एजेंसियां यहां लाने की तैयारी कर रही हैं. चोकसी उसी गीतांजलि ग्रुप का मालिक है जिसपर PNB से फर्जी दस्‍तावेजों के आधार पर करोड़ों का कर्ज लेने का आरोप है. 2013 में चोकसी पर स्‍टॉक मार्केट से छेड़छाड़ का भी आरोप लगा था.

ललित मोदी

ललित मोदी उन शुरुआती बड़े नामों में से हैं जो आर्थिक अपराधों के लिए जांच एजेंसियों के निशाने पर आए. वह इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) के पहले चेयरमैन और कमिश्‍नर थे और 2010 तक इस पद पर रहे. IPL की एक फ्रेंचाइजी ने मोदी पर परेशान करने का आरोप लगाया तो BCCI ने उन्‍हें हटा दिया. इसके बाद मोदी लंदन चले गए. जांच शुरू हुई और 2013 में उन्‍हें वित्‍तीय अनियमितताओं, अनुशासनहीनता का दोषी पाया गया. मोदी पर BCCI ने लाइफटाइम बैन लगा दिया था. 2014 में केंद्र सरकार ने मोदी का पासपोर्ट रद्द कर दिया. अदालत से मोदी को राहत मिली. प्रवर्तन निदेशालय ने ललित मोदी के खिलाफ ग्‍लोबल वारंट इश्‍यू करने की रिक्‍वेस्‍ट की थी, हालांकि 2017 में यह दरख्‍वास्‍त खारिज कर दी गई.

शिविंदर मोहन सिंह, मलविंदर सिंह

सिंह ब्रदर्स को रेलिगेयर फिनवेस्‍ट लिमिटेड (RFL) को धरातल पर लाने का क्रेडिट जाता है. दोनों भाइयों पर आरोप है कि इन्‍होंने जान-बूझकर परिवार की कंपनी का बकाया नहीं चुकाया. दोनों ने अपने शेयर्स बेचकर पैसा जुटाना चाहा मगर कर्ज नहीं चुका सके. इसी साल फरवरी में मलविंदर ने शिविंदर पर आरोप लगाया था कि उन्‍होंने बिना बताए 740 करोड़ रुपये RFL से डायवर्ट किए. दोनों भाई फिलहाल प्रवर्तन निदेशालय की गिरफ्त में हैं.

विक्रम कोठारी

कर्ज लेकर ना चुकाने वालों में रोटोमैक के डायरेक्‍टर विक्रम कोठारी का भी नाम है. अपनी कंपनी के जरिए उन्‍होंने 7 नेशनल बैंक्‍स से 2,919 करोड़ रुपये के लोन लिए. कोठारी ने कई फर्जी कंपनियां बनाकर कर्ज लिया. ब्‍याज वगैरह मिलाकर यह रकम साल 2018 तक करीब 3,695 करोड़ रुपये हो चुकी थी. CBI की FIR के मुताबिक, कोठारी ने कई किश्‍तें नहीं चुकाईं. कोठारी की कई प्रॉपर्टीज सीज की जा चुकी हैं. फिलहाल वह CBI की गिरफ्त में हैं.

जतिन मेहता

नीरव मोदी, मेहुल चोकसी जैसा एक और हीरा व्‍यापारी. विनसम डायमंड्स एंड जूलरी के डायरेक्‍टर के रूप में मेहता पर 7000 करोड़ रुपये लेकर फरार हो जाने का आरोप है. साल 2012 से उनका कोई पता नहीं है. FIR में मेहता पर आपराधिक साजिश, धोखाधड़ी और सरकारी कर्मचारियों के दुरुपयोग का मामला दर्ज है. इसी साल जून में, CBI ने दो और FIR दर्ज की जिनमें जतिन मेहता पर बैंक ऑफ महाराष्ट्र और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया से 587.55 करोड़ रुपये का लोन फ्रॉड करने का आरोप है.

संदेसरा ब्रदर्स

स्टर्लिंग बायोटेक (एसबीएल) के प्रमोटर्स नितिन संदेसरा और चेतन संदेसरा नाम के दो भाइयों पर भारतीय बैंकों से करीब 14,500 करोड़ रुपए का फ्रॉड करने का आरोप है. CBI ने 2017 में संदेसरा बंधुओं और दीप्ति संदेसरा के खिलाफ 5,383 करोड़ रुपए के बैंक फ्रॉड का केस दर्ज किया था. फिर ED ने जांच की तो पता चला कि संदेसरा ग्रुप की कंपनीज ने भारतीय बैंकों की विदेश में स्थित शाखाओं से करीब 9 हजार रुपये का कर्ज लिया. जिस बात के लिए कर्ज लिया गया, पैसा उससे अलग काम में लगाया गया. अब ED इस ग्रुप की प्रॉपर्टीज अटैच करने की कवायद में जुटा हुआ है.

आशीष जोबनपुत्र

गुजरात के आशीष जोबनपुत्र की फर्म पर दो सरकारी बैंकों को 804 करोड़ रुपये का चूना लगाने का आरोप है. CBI की FIR के मुताबिक, इस साजिश में बैंक के अधिकारी भी मिले हुए थे. कंपनी पर फर्जी इंपोर्ट दिखाकर करोड़ों रुपये का गोलमाल करने का आरोप है. यह सारे अवैध ट्रांजेक्‍शन करने के बाद आशीष अपने परिवार को लेकर भारत से भाग गया था.

पारेख फैमिली

कोलकाता की श्री गणेश जूलरी हाउस इंडिया लिमिटेड पर 25 बैंकों से 2,762 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का आरोप है. कंपनी के चीफ प्रमोटर्स- कमलेश पारेख, नीलेश पारेख और उमेश पारेख के खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय ने केस दर्ज कर रखा है. इन लोगों ने भारत में कई कंपनियां खड़ी कीं और उनके जरिए विदेशों में खूब पैसा भेजा. मामला खुलने से पहले ही सबके सब विदेश भाग गए. बैंकों से जो कर्ज लिया गया, उसे लौटाने की दिशा में कोई काम नहीं हुआ. ED फिलहाल इस फर्म की संपत्तियों को अटैच कर नुकसान की भरपाई कर रही है.

ये भी पढ़ें

Reliance Jio को क्‍यों बंद करनी पड़ी फ्री कॉलिंग? ये है वजह

ढलान है फिर भी 1200 साल से टिका है ये पत्‍थर, जानें क्‍या है महाबलीपुरम की ‘माखन गेंद’ का रहस्‍य