Mann Ki Baat में पीएम बोले- कोरोना से बचाव के लिए लॉकडाउन जरूरी, परेशानी के लिए क्षमा करें

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने का कारगर तरीका सामाजिक दूरी है. हमें समझना होगा कि सामाजिक दूरी का मतलब सामाजिक संपर्क खत्म करना नहीं बल्कि ये समय सामाजिक दूरी को बढ़ाने और भावनात्मक दूरी घटाने का है.

कोरोना वायरस (Coronavirus ) की वजह से देश भर में 25 मार्च से लॉकडाउन (Lockdown) लागू होने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) पहली बार रविवार की सुबह 11 बजे ‘मन की बात’ किए. इस बार के कार्यक्रम में उन्होंने कोविड-19 (COVID-19) पर बात की.

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने का कारगर तरीका सामाजिक दूरी है. हमें समझना होगा कि सामाजिक दूरी का मतलब सामाजिक संपर्क खत्म करना नहीं बल्कि ये समय सामाजिक दूरी को बढ़ाने और भावनात्मक दूरी घटाने का है. इसके साथ ही उन्होंने कोरोना वायरस से हाल ही में ठीक हुए लोगों से बात की.

पीएम ने ट्वीट कर कहा कि 11 बजे वह मन की बात प्रसारित करेंगे. इस कार्यक्रम को ऑल इंडिया रेडियो, डीडी न्यूज और नरेंद्र मोदी एप पर लाइव सुना जा सकेगा. हिंदी में प्रसारण के तुरंत बाद आकाशवाणी पर ‘मन की बात’ कार्यक्रम को विभिन्न क्षेत्रीय भाषाओं में प्रसारित किया जाएगा. सभी लाइव अपडेट के लिए बने रहें टीवी 9 भारतवर्ष पर ….

Live Updates –

  • पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस से लड़ने का कारगर तरीका सामाजिक दूरी है. हमें समझना होगा कि सामाजिक दूरी का मतलब सामाजिक संपर्क खत्म करना नहीं बल्कि ये समय सामाजिक दूरी को बढ़ाने और भावनात्मक दूरी घटाने का है.
  • पीएम मोदी ने कहा कि आपने देखा होगा, बैंकिंग सेवाओं को सरकार ने चालू रखा है और बैंकिंग क्षेत्र के हमारे लोग पूरे लगन से, आपकी सेवा में मौजूद हैं. आजे के समय, ये सेवा छोटी नहीं है, उन बैंक के लोगों का भी हम जितना धन्यवाद करें उतना कम है.
  • पीएम मोदी बोले – जरा सोचिये की आप lockdown के समय भी जो TV देश पा रहे हैं, घर में रहते हए जिस phone और internet का इस्तेमाल कर रहे हैं. उन सब को सुचारू रखने के लिए कोई न कोई अपनी जिंदगी खपा रहा है.
  • पीएम मोदी ने बोले – जरा आप अपने पड़ोस में मौजूद छोटी परचून की दुकान के बारे में सोचिए, उन drivers, उन workers के बारे में सोचिये, जो बिना रुके अपने का में डटे हैं ताकि देश भर में आवश्यक वस्तुओं की suppy-chain में कोई रुकावट ना आ
  • पीएम मोदी ने कहा कि आप जैसे साथी चाहे वो डॉक्टर हों, नर्स हों, पैरा मेडिकल, आशा, एएनएम कार्यकर्ता, सफाई कर्मचारी हो आपके स्वास्थ्य की भी देश को बहुत चिंता है. इसी को देखते हुए ऐसे करीब 20 लाख साथियों के लिए 50 लाख रुपये तक के स्वास्थ्य बीमा की घोषणा सरकार ने की है.
  • पीएम मोदी बोले- मानवता से भरी हुई हर नर्स को आज मैं नमन करता हूं. आप सभी जिस सेवा भाव से कार्य करते हैं वो अतुलनीय है, ये भी संयोग है कि वर्ष 2020 International year of the nurses and midwife के तौर पर मना रहा है.
  • पीएम मोदी ने कहा कि साथियों हमारे यहां तमाम साथी आपको, पूरे देश को इस संकट से बाहर निकालने में जुटे हैं. ये जो बाते हमें बताते हैं उन्हें हमें सुनना ही नहीं है, बल्कि उन्हें जीवन में उतारना भी है.
  • पीएम मोदी ने कहा धन और किसी खास कामना को लेकर नहीं, बल्कि मरीज की सेवा के लिए, दया भाव रखकर कार्य करता है, वो सर्वश्रेष्ठ चिकित्सक होता है.
  • पीएम मोदी ने कहा कि जो हमारे फ्रंटलाइन सोल्जर हैं. खासकर के हमारी नर्सेज बहनें हैं, नर्सेज का काम करने वाले भाई हैं, डॉक्टर हैं, पैरा मेडिकल स्टाफ हैं, ऐसे साथी जो कोरोना को पराजित कर चुके हैं. आज हमें उनसे प्रेरणा लेनी चाहिए.
  • हाल ही में कोरोना वायरस से ठीक हुए पीड़ित रामगप्पा तेजा ने बताया कि वह काम की वजह से दुबई गए थे. उसके बाद कोरोना से पीड़ित हो गए. उन्होंने कहा कि शुरू में डर गया था, लेकिन डॉक्टरों और नर्सों ने उनका साहस बढ़ाया. उन्होंने कहा कि लॉकडाउन जेल जैसा नहीं है और लोग नियमों का पालन करके ठीक हो सकते हैं.
  • कोरोना से ठीक होने वाले एक अन्य शख्स अशोक कपूर ने पीएम मोदी को बताया – मैं और मेरे परिवार के 6 लोग कोरोना पीड़ित मिले थे. मेरा 16 साल का पोता भी इसकी चपेट में आ गया था. हमें आगरा से दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल ऐम्बुलेंस से भेजा गया, जहां हम 14 दिन एडमिट रहे. इस दौरान डॉक्टरों और दुसरे स्टाफ ने हमारा पूरा ख्याल रखा और अब हम इससे उबर चुके हैं.
  • पीएम मोदी ने कहा – मैं जानता हूं कि कोई कानून नहीं तोड़ना चाहता, लेकिन कुछ लोग ऐसा कर रहे हैं क्योंकि अभी भी वो स्थिति की गंभीरता को नहीं समझ रहे. अगर आप Lockdown का नियम तोड़ेंगे तो वायरस से बचना मुश्किल होगा.
  • पीएम मोदी ने कहा कि हमारे यहां कहा गया है कि बीमारी और उसके प्रकोप में शुरुआत में ही निबटना चाहिए. बाद में रोग असाध्य हो जाते हैं, तब इलाज भी मुश्किल हो जाता है. आज पूरा हिन्दुस्तान, हर हिन्दुस्तानी यही कर रहा है.
  • पीएम मोदी ने कहा कि कुछ लोगों को लगता है कि वो लॉकडाउन का पालन कर रहे हैं तो ऐसा करके वो मानो जैसे दूसरों की मदद कर रहे हैं, ये भ्रम पालना सही नहीं है. ये लॉकडाउन आप खुद के बचने के लिए कर रहे हैं. आपको अपने को बचाना है. अपने परिवार को बचाना है.
  • पीएम मोदी ने कहा कि कोरोना वायरस ने दुनिया को कैद कर दिया है. ये ज्ञान, विज्ञान, गरीब, संपन्न कमजोर, ताकतवर हर किसी को चुनौती दे रहा है. ये ना तो राष्ट्र की सीमाओं में बंधा है, न ही ये कोई क्षेत्र देखता है और न ही कोई मौसम.
  • पीएम मोदी ने कहा कि बहुत से लोग मुझसे नाराज भी होंगे कि ऐसे कैसे सबको घर में बंद कर रखा है. मैं आपकी दिक्कतें समझता हूं, आपकी परेशानी भी समझता हूं लेकिन भारत जैसे 130 करोड़ की आबादी वाले देश को, कोरोना के खिलाफ लड़ाई के लिए, ये कदम उठाए बिना कोई रास्ता नहीं था.
  • पीएम मोदी ने कहा कि सबसे पहले मैं सभी देशवासियों से क्षमा मांगता हूं और मेरी आत्मा कहती है की आप मुझे जरुर क्षमा करेंगे, क्योंकि कुछ ऐसे निर्णय लेने पड़े हैं, जिसकी वजह से आपको कई तरह की कठिनाईयां उठानी पड़ रही हैं.

 

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