Ayodhya Case: मुस्लिम पक्ष के वकीलों पर भड़के CJI, कहा- आपको क्या लगता है, हमारे पास दिमाग नहीं है

राजीव धवन ने परासरन की दलील पर टोकते हुए कहा कि इनके सभी उदाहरण में मंदिर था, यह एक मंदिर के रूप में बताया गया है.

अयोध्या मामले में मंगलवार को 35वें दिन की सुनवाई समाप्त हो गई है. दोनों पक्षों के बीच जमकर दलीलें दी गईं. हिंदू पक्ष के वकील वैद्यनाथन जिस वक्त दलीलें रख रहे थे उसी वक्त बाबरी पक्ष के वकीलों ने टीका टिप्पणी करनी शुरू कर दी. जिसके बाद सीजेआई ने उनको जमकर लताड़ लगाई. जिसके बाद दोनों वकीलों ने अदालत से माफी मांगी.

  • ASI की रिपोर्ट पर लगातार विरोध जता रहे मुस्लिम पक्ष को मुख्य न्यायाधीश ने लगाई फटकार लगते हुए कहा मैंने बार -बार कहा है कि जब एक पक्ष दलील दे रहा है तो दूसरा पक्ष अवरोध पैदा ना करे, मुस्लिम पक्षकारों के वकील राजीव धवन ने बेंच से माफी मांगी.
  • वैद्यनाथन ने ASI की खुदाई में मिली दीवार के बारे में बताया जिस पर मुस्लिम पक्ष की तरफ़ से रजीव धावन और मीनाक्षी अरोड़ा ने आपत्ति जताई, और सुप्रीम कोर्ट को ASI की रिपोर्ट में मिली दीवार जिरह शुरू कर दी और कोर्ट को दीवार के बारे में समझने की कोशिश करी जिसपर CJI ने सख्त नाराज़गी जताई.
  • रामलला विराजमान के वकील वैद्यनाथन की दलील के दौरान मुस्लिम पक्ष के वकील धवन और मीनाक्षी अरोड़ा की टीका टिप्पणी और दखल देने पर CJI ने नाराजगी जतायी. कहा- आपलोगों को क्या लगता है कि हमारे पास दिमाग नहीं है. ऐसे सुनवाई नहीं होगी. धवन ने खेद जताया.
  • मुस्लिम पक्षकार की वकील मीनाक्षी अरोड़ा ने वैद्यनाथन के आरोपों पर एतराज जताया.
  • वैद्यनाथन ने कहा कु इंडोनेशिया और कंबोडिया जाकर ASI ने काफी अच्छा काम किया है.
  • वैद्यनाथन ने कहा कि मुस्लिम पक्ष ने खुदाई में निकली एक लम्बी दीवार को ईदगाह बताया, लेकिन न तो किसी गवाह ने इसकी बात कही ना ही ASI ने ईदगाह की बात कही. वैद्यनाथन ने कहा कि मुस्लिम पक्षकारों ने ASI की छवि को धूमिल किया है.
  • खुदाई के समय के 25 वीडियो है जिससे यह पता चलता है कि वहां पर क्या-क्या मिला है, जिसको इलाहाबाद HC ने भी देखा था, सभी रजिस्टर पर एक एक इंट्री की गई, जिसमे वहां पर मिले सामानों की साइज़ तक लिखी है, किसी में भी ईदगाह के अवशेष मिलने की बात नहीं है.
  • वैद्यनाथन ने कहा कि मुस्लिम पक्षकारों ने ASI की छवि को धूमिल किया है. वैद्यनाथन ने कहा कु इंडोनेशिया और कंबोडिया जाकर ASI ने काफी अच्छा काम किया है. मीनाक्षी अरोड़ा ने वैद्यनाथन के आरोपों पर एतराज जताया.
  • वैद्यनाथन ने कहा कि क्योंकि भगवान राम वहां पैदा हुए थे, इसलिए वह जगह अपने आप में ही पवित्र और पर्याप्त है. वैद्यनाथन ने कहा कि मुस्लिम पक्ष ने खुदाई में निकली एक लम्बी दीवार को ईदगाह बताया, लेकिन न तो किसी गवाह ने इसकी बात कही ना ही ASI ने ईदगाह की बात कही.
  • वैद्यनाथन ने कहा कि मुस्लिम पक्ष ASI की रिपोर्ट पर सवाल उठा कर कह रहे है वह पर ईदगाह थी, तो वह मान रहे है कि मुग़लों ने वहां पर मस्जिद बनाने के लिए ईदगाह को गिराया था. वैद्यनाथन ने कहा कि जब किसी ज़मीन को किसी खास मकसद के लिए समर्पित किया जाता है, तो वह जगह न्यायिक व्यक्ति बन जाती है, इसे दैव्य होने की ज़रूरत नहीं, यह धार्मिक हो सकती है.
  • वैद्यनाथन ने मुस्लिम पक्ष द्वारा की गई बहस पर एक नोट कोर्ट में दिया. राजीव धवन ने कहा कि इलाहाबाद हाईकोर्ट द्वारा दी गयी observations के लिए मुसलमानों को टारगेट किया जाता था. वैद्यनाथन ने कहा कि जब एक बार साबित हो गया कि वहां पर भगवान राम का जन्म हुआ था तो वहां पर किसी भी मूर्ति की ज़रूरत नहीं है.
  • परासरन ने कहा कि अगर लोगों को विश्वास है कि किसी जगह पर दैव्य शक्ति है तो इसमें न्यायिक व्यक्ति माना जा सकता है. जिसका दिव्य अभिव्यक्ति से कोई अंतर न हो.
  • परासरन ने कुड्डालोर मंदिर का उदाहरण देते हुए कहा कि यहां भी कोई मूर्ति नहीं है और केवल एक दीया जलता रहता है, जिसकी पूजा की जाती है.
  • राजीव धवन ने परासरन की दलील पर टोकते हुए कहा कि इनके सभी उदाहरण में मंदिर था, यह एक मंदिर के रूप में बताया गया है.
  • परासरन ने कहा कि लोगों के विश्वास के साथ पूजास्थल को मंदिर कहा जा सकता है. मंदिर पूजा स्थान के लिए इस्तेमाल किया जाने वाला एक सामान्य शब्द है.
  • राजीव धवन ने कहा कि सिर्फ कुछ ट्रेवलर के आधार पर यह नही कहा जा सकता है कि वहां पर मंदिर था. हिंदुओं ने वहां पर पूजा इस स्थान से शुरू करी.
  • जस्टिस भूषण ने पूछा कि जो जन्मस्थान है पूजा वहां की होगी या भगवान राम की? यानी कि न्यायिक व्यक्ति एक होंगे या दो?
  • परासरन ने कहा कि वहां पर दो से ज़्यादा न्यायिक व्यक्ति होंगे.
  • जस्टिस बोबडे ने कहा कि इनमें से कुछ प्रमुख देवता होते है और अन्य भी होते है.
  • परासरन ने कहा कि मंदिर में एक प्रमुख देवता होता है, लेकिन उनकी पूजा अनेक रूपों में होती है. हम न्यायालय को न्याय का मंदिर कहते हैं. हमारे पास कई न्यायाधीश हैं, लेकिन हम पूरे को एक संस्था न्यायालय कहते हैं.
  • जस्टिस DY चन्द्रचूड़ ने कहा कि देवता कई हो सकते हैं, लेकिन न्यायाधिकारी व्यक्तित्व का श्रेय मंदिर के प्रमुख देवता को जाता है.
  • राजीव धवन ने कहा कि कोर्ट एक नई बहस की तरफ जा रहा है, यह मंदिर के नामकरण के बारे में नही है, मैं इस मामले में कोर्ट को एक लिखित नोट दूंगा.
  • परासरन ने कहा कि देवताओं की मूर्तियां ही देवता का रूप नहीं है, ऐसा विश्वास है कि देवता अपने आप को किसी भी रूप में प्रकट कर सकते हैं. शारीरिक या कथित किसी भी रूप में. परासरन ने दूसरे फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि हिन्दू मन्दिर को न्यायिक व्यक्ति माना गया है.
  • परासरन ने कहा कि रामनवमी को भगवान राम के जन्मदिन के तौर पर मनाया जाता है, भगवान राम के जन्मस्थान पर नहीं मनाया जाता. इसलिए जन्मभूमि पर मन्दिर बना कर भगवान राम के जन्मस्थान पर रामनवमी को मनाना चाहिए.
  • के परासरन ने आगे अपनी दलीलों में ये साफ किया कि एक ही जगह पर दो न्यायिक व्यक्ति साथ-साथ हो सकते हैं. एक मूर्ति के रूप में, एक रामजन्मभूमि के रूप में. सुप्रीम कोर्ट ने SGPC बनाम सोमनाथ दास के मामले में ये साफ किया है.
  • जस्टिस बोबड़े ने परासरन से पूछा कि क्या ज्योतिष में श्रीराम के जन्म के वक़्त को लेकर कुछ कहा गया है? परासरन ने कुछ इतिहासकारों का हवाला दिया, जिन्होंने श्रीराम के जन्म के वक़्त को लेकर टिप्पणी की थी.
  • राजीव धवन ने कहा- मेरे सारे ग्रह राहु और केतु के बीच हैं, इसलिए मेरा बुरा वक़्त चल रहा है. शनि भी मुझ पर भारी है. भारत में ज्योतिष विज्ञान सूर्य और चंद्र, और जन्म के सही वक्त पर आधारित है. हम ग्रहों की गति के मुताबिक हर रोज की घटनाओं को लेकर भविष्यवाणी करते हैं, लेकिन क्या भगवान राम के केस में ऐसा है? क्या हमें उनके जन्मस्थान/ जन्म की तारीख के बारे में पुख्ता तौर पर कुछ पता है. नहीं ना?
  • परासरन ने राजीव धवन की दलील का जवाब देते हुए कहा कि रामनवमी का त्यौहार श्रीराम के जन्मदिन के तौर पर देश भर में मनाया जाता है, लेकिन ये त्यौहार अयोध्या यानि भगवान राम के जन्म स्थान पर नहीं मनाया जाता. लिहाज़ा राम जन्मस्थान पर मंदिर बनना ज़रूरी है ताकि वहां जन्मदिन मनाया जाना जा सके.