मोदी लहर का असर: 11 चुनाव जीतने वाले कांग्रेसी दिग्‍गज ने पहली बार चखा हार का स्‍वाद

पार्टी ने लोकसभा चुनाव में कई पूर्व मुख्यमंत्रियों को मैदान में उतारा था और वे सभी चुनाव हार गए.

नई दिल्‍ली: लोकसभा चुनाव के नतीजों ने कांग्रेस को और रसातल की ओर ढकेल दिया है. पार्टी कहां विधानसभा चुनावों की सफलता को लोकसभा में भी दोहराने की उम्‍मीद लगाए बैठी थी, मगर जब परिणाम आए तो सब उम्‍मीदें टूट गईं. अगर आप जम्मू एवं कश्मीर से तमिलनाडु तक जाएं तो रास्ते में पड़ने वाले आधा दर्जन राज्यों में कांग्रेस का एक भी सांसद नहीं मिलेगा. पार्टी 2019 के लोकसभा चुनाव में 18 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक भी सीट नहीं जीत पाई है. चुनाव हारने वालों में कांग्रेस के आठ मुख्यमंत्री और लोकसभा में पार्टी के नेता शामिल हैं.

पार्टी के वेटरन नेता मल्लिकार्जुन खड़गे को यह चुनाव पहली हार का स्‍वाद चखाकर गए. अब तक अजेय रहे खड़गे दशकों के राजनैतिक जीवन में पहला चुनाव हारे. उनकी ये हार इसलिए भी अहम हो जाती है कि 2014 की मोदी लहर में भी खड़गे गुलबर्गा से जीते थे. लोकसभा में कांग्रेस के संसदीय दल की कमान संभालने वाले खड़गे यूपीए सरकार में दो मंत्रालय संभाल चुके हैं.

कांग्रेस छोड़ BJP में जाने वाले ने हराया

गुलबर्गा लोकसभा सीट पर भाजपा के उमेश जाधव ने खड़गे को 95,452 वोटों से हरा दिया. चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, जाधव को 6,20,192 वोट मिले जबकि खड़गे ने 5,24,740 वोट हासिल किए. मजे की बात ये है कि जाधव कांग्रेस से विधायक थे और लोकसभा चुनाव लड़ने के लिए पार्टी छोड़ बीजेपी में आ गए थे.

जाधव समेत चार विधायकों के खिलाफ कांग्रेस स्‍पीकर के पास गई थी कि उनका इस्‍तीफा मंजूर न किया जाए. मगर दोनों पक्ष सुनने के बाद जाधव का इस्‍तीफा मंजूर कर लिया गया था. नौ बार विधायक और दो बार सांसद रहे खड़गे के अलावा कई और कांग्रेसी दिग्‍गज इस चुनाव में साख नहीं बचा सके.

पार्टी ने लोकसभा चुनाव में कई पूर्व मुख्यमंत्रियों को मैदान में उतारा था और वे सभी चुनाव हार गए. इसमें दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित उत्तर पूर्व दिल्ली से, मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह भोपाल से, महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और सुशील मोदी क्रमश: नांदेड़ व सोलापुर से, उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत नैनीताल से, मेघालय के पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा तुरा से, हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपिंदर सिंह हुड्डा सोनीपत से और वीरप्पा मोइली कर्नाटक में चिकबल्लूर से चुनाव हार गए हैं.

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