लोकसभा ने रचा इतिहास, Question Hour में पूछे गए पूरे 20 सवाल

1972 में पांचवीं लोकसभा के चौथे सत्र से हर प्रश्नकाल में अंकित प्रश्नों की सूची में सवालों की संख्या 20 सीमित कर दी गई थी.
Question Hour Lok Sabha, लोकसभा ने रचा इतिहास, Question Hour में पूछे गए पूरे 20 सवाल

लोकसभा में बुधवार को प्रश्नकाल के दौरान सर्वाधिक 20 प्रश्न पूछे गये और मंत्रियों ने उनके उत्तर भी दिये. लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने इस उपलब्धि पर सदस्यों और मंत्रियों को बधाई दी.

सदन में प्रश्नकाल के दौरान मौखिक प्रश्नों की सूची में अंकित सभी 20 प्रश्न पूछे गए और पूरक प्रश्नों के उत्तर भी दिये गए. इनमें जिन प्रश्नों के मूल प्रश्नकर्ता सदन में उपस्थित नहीं थे उनके उत्तर संबंधित मंत्रियों ने सदन के पटल पर रखे.

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला पद संभालने के बाद से ही सदस्यों को अधिक से अधिक प्रश्न पूछने और मंत्रियों से संक्षिप्त उत्तर देने पर जोर देते रहे हैं. सामान्यत: प्रश्नकाल समाप्त होने तक 5 से 10 प्रश्नों के उत्तर ही हो पाते हैं.

बुधवार सुबह 11 बजे शुरू हुआ प्रश्नकाल 12 बजे समाप्त होने तक अध्यक्ष ने सभी प्रश्नों को पूरा कराया और कहा, ‘सदस्यों और सभी मंत्रियों के सहयोग से आज 20 प्रश्न पूरे कर लिये गये जिनके लिए सभी बधाई के पात्र हैं.’ सभी दलों के सदस्यों ने मेजें थपथपाकर इस पर खुशी जताई.

बिरला ने कहा, ‘मैं आगे भी प्रयास करूंगा कि सदस्य पूरा प्रश्न पूछ सकें और मंत्री संक्षिप्त उत्तर दें. आशा है कि सदन आगे भी शांतिपूर्ण तरीके से चलता रहेगा.’ संसदीय कार्य मंत्री प्रहलाद जोशी ने भी इस पर हर्ष जताते हुए कहा कि लोकसभा के हाल के इतिहास में यह एक रिकॉर्ड है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी आज प्रश्नकाल में आधे घंटे से अधिक समय तक रहे. बुधवार को प्रधानमंत्री कार्यालय, परमाणु ऊर्जा विभाग आदि से संबंधित प्रश्न पूछे गये.

लोकसभा अध्यक्ष बिरला सामान्य तौर पर विपक्षी दलों के शोर-शराबे के बीच भी प्रश्नकाल पूरा कराने का प्रयास करते हैं. इस सत्र में सिर्फ सोमवार को एक दिन प्रश्नकाल की कार्यवाही स्थगित करनी पड़ी जब कांग्रेस सदस्यों के विरोध प्रदर्शन के दौरान उनके तथा मार्शलों के बीच धक्का-मुक्की की स्थिति बन गयी.

1972 से प्रश्नकाल में 20 सवाल
1972 में पांचवीं लोकसभा के चौथे सत्र से हर प्रश्नकाल में अंकित प्रश्नों की सूची में सवालों की संख्या 20 सीमित कर दी गई थी. 15 मार्च 1955 को पहली लोकसभा के नौवें सत्र में एक प्रश्नकाल में मौखिक रूप से सर्वाधिक 45 सवाल पूछे गए थे.

प्रश्नकाल में पूछे गए प्रमुख सवाल
1. कोयला उत्पादन में कमी के क्या कारण हैं? इसका बिजली उत्पादन पर क्या असर पड़ेगा?- मीनाक्षी लेखी
2. क्या यमुना में रेत खनन प्रतिबंधित करने के लिए सरकार के पास कोई प्रस्ताव है? अगर नहीं तो इसके क्या कारण हैं?- मनोज तिवारी
3. राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) बनाने के लिए राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (एनएसएसओ) का केंद्रीय सांख्यिकी कार्यालय (सीएसओ) में विलय की क्या स्थिति है?- शशि थरूर
4. क्या सेना में भर्ती राज्यों की जनसंख्या के आधार पर की जाती है? यह नियम कब से चला आ रहा है?- हरीश द्विवेदी
5. क्या रेलवे की भर्ती परीक्षाओं में कन्नड़ सहित अन्य स्थानीय भाषाओं के प्रयोग के लिए कोई अभ्यावेदन आया है?- डीके सुरेश, नलिन कुमार कटील
6. क्या रेल मंत्रालय ने दिल्ली-रेवाड़ी रेल लाइन पर यातायात दबाव से निपटने के लिए अधिक ट्रेन चलाने को सिग्नलिंग प्रणाली में सुधार के कोई कदम उठाए हैं?- धर्मवीर सिंह
7. क्या जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटाए जाने के बाद पाकिस्तान भारत के खिलाफ दुष्प्रचार कर रहा है? अंतरराष्ट्रीय समुदाय क्या इस दुष्प्रचार की भर्त्सना कर रहा है?- गोपाल शेट्टी
8. कितने गांव और ग्रामीण इंटरनेट व ब्रॉडबैंड सेवा से वंचित हैं? इसके क्या कारण हैं?- कृपाल बालाजी तुमाने
9. क्या भारत में ‘एक देश, एक मतदाता सूची’ तैयार करने के लिए सरकार ने कोई कदम उठाए हैं?- विनोद कुमार सोनकर
10. क्या सरकार ने रक्षा अंतरिक्ष अनुसंधान एजेंसी की स्थापना कर ली है? क्या भारतीय उपग्रहों को दुश्मन देशों के हमले से बचाने की क्षमता विकसित कर ली गई है?- साजदा अहमद

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