UN मिशन में तैनात ले. कर्नल गौरव सोलंकी की लाश झील में मिली, मौत की वजह साफ नहीं

सोलंकी का शव चेगेरा द्वीप से एक किलोमीटर की दूरी पर बरामद किया गया. सैन्य अधिकारी की मौत के कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया है.

कांगो के किवु झील में कायकिग ट्रिप के दौरान पांच दिन पहले लापता हुए भारतीय सैन्य अधिकारी को गुरुवार को झील में मृत पाया गया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. लेफ्टिनेंट कर्नल गौरव सोलंकी को मध्य अफ्रीकी देश में संयुक्त राष्ट्र के अभियान में एक सैन्य पर्यवेक्षक के तौर पर तैनात किया गया था.

एक सैन्य अधिकारी ने कहा कि सोलंकी के शव को गुरुवार को किवु झील से बरामद किया गया, जहां वह कायकिग करने गए थे. सोलंकी के साथ एक ग्रुप भी था जो बीते रविवार कांगो और रवांडा की सीमा के बीच स्थित चेगेरा द्वीप के समीप किवु झील कायकिंग ट्रिप पर गया था.

एक अधिकारी ने कहा, “कायकिंग ट्रिप के बाद सोलंकी को छोड़ सभी वापस आ गए. लापता अधिकारी की तलाश के लिए स्पीड बोट और हैलीकॉप्टर से खोज एवं बचाव अभियान शुरू किया गया. उनका शव गुरुवार को करीब पूर्वाह्न् 11 बजे बरामद किया गया.”

सोलंकी का शव चेगेरा द्वीप से एक किलोमीटर की दूरी पर बरामद किया गया. सैन्य अधिकारी की मौत के कारणों का पता अभी तक नहीं चल पाया है. सूत्रों ने कहा कि मौत के कारणों का पता लगाने के लिए जांच चल रही है, हालांकि प्रथमदृष्टया प्रतीत होता है कि सोलंकी की मौत दुर्घटनावश डूबने से हुई है.

सूत्रों के अनुसार, सोलंकी ने कांगो में अपना काम पूरा कर लिया था और वह अगले कुछ दिनों में भारत में अपने रेजिमेंट में शामिल होने वाले थे.