आज रात खूनी लाल दिखेगा चांद, 149 साल बाद होगा ऐसा चंद्रग्रहण

एशिया के देशों में चांद का 65 फीसद हिस्सा ब्लड रेड कलर में नजर आएगा.

देशवासी बुधवार तड़के तीन घंटे तक लगने वाले आंशिक चंद्रग्रहण का गवाह बन पाएंगे जब पृथ्वी सूर्य और चंद्रमा के बीच आ जाएगी.

शहर के एम पी बिड़ला तारामंडल के शोध एवं अकादमिक निदेशक देबीप्रसाद दुआरी ने पीटीआई को बताया कि यह ग्रहण मंगलवार देर रात एक बजकर 31 मिनट पर शुरू होगा.

यह आंशिक ग्रहण सबसे स्पष्ट रूप से सुबह तीन बजे नजर आएगा जब चंद्रमा का ज्यादातर हिस्सा ढक जाएगा.

ऐसा 149 साल बाद होने जा रहा है जब गुरु पूर्णिमा के दिन ही चंद्र ग्रहण भी पड़ेगा.

उन्होंने कहा, “आकाशीय गतिविधियों के दिलचस्पी रखने वालों को इस मौके को नहीं गंवाना चाहिए क्योंकि 2021 तक फिर ऐसा स्पष्ट रूप से दिखने वाला कोई चंद्रग्रहण नहीं लगेगा.”

दुआरी ने बताया कि दक्षिण अमेरिका, यूरोप, अफ्रीका, एशिया और ऑस्ट्रेलिया के सिवाय यह खगोलीय घटना देश के हर हिस्से से नजर आएगी.

उन्होंने बताया कि चंद्रमा पर बुधवार सुबह 4:29 बजे तक आंशिक ग्रहण रहेगा.

दुआरी ने बताया कि मंगलवार की रात चंद्रमा का केवल एक हिस्सा धरती की छाया से गुजरेगा. बुधवार को सुबह 3:01 पर चंद्रमा का 65 प्रतिशत व्यास धरती की छाया के तहत होगा.

उन्होंने बताया कि भारत में अगला चंद्रग्रहण 26 मई, 2021 को लगेगा जब यह पूर्ण चंद्रग्रहण होगा.

वैज्ञानिकों के मुताबिक, चंद्र ग्रहण पूरी तरह से सुरिक्षत होता है इसलिए आप इसे नंगी आंखों से भी देख सकते हैं. लेकिन पिर भी यदि आप दूरबीन की मदद से चंद्र ग्रहण देखेंगे तो आपको यह खगोलीय घटना बेहद स्पष्ट दिखाई देगी.

एशिया के देशों में चांद का 65 फीसद हिस्सा ब्लड रेड कलर में नजर आएगा.

देश के पश्चिमी हिस्से और केंद्रीय इलाकों में चंद्रग्रहण की पूरी घटना देखी जा सकेगी. देश के पूर्वी इलाके के लोगों को अहले सुबह करीब-करीब उस समय दिखेगा जब चंद्र अस्त होने लगता है. चंद्रमा बिहार, असम, बंगाल और ओडिशा में ग्रहण की अवधि में ही अस्त हो जाएगा.

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शास्त्रों के नियम के अनुसार चंद्रग्रहण का सूतक ग्रहण से 9 घंटे पहले आरंभ हो जाता है. भारतीय समय के अनुसार 16 जुलाई की शाम 4 बजकर 31 मिनट से ग्रहण का सूतक आरंभ हो जाएगा. सूतक से पहले ही गुरु पूर्णिमा की पूजा के बाद सभी मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाएंगे.