सिंधिया बोले- वादे नहीं हुए पूरे तो करूंगा आंदोलन, CM कमलनाथ ने कहा- जो करना है करो

दरअसल कुछ दिनों पहले ही टीकमगढ़ के गांव में अतिथि शिक्षकों को संबोधित करते हुए सिंधिया ने कहा कि यदि घोषणापत्र की एक-एक चीज पूरी नहीं हुई तो सड़क पर आपके साथ सिंधिया भी होगा.
Kamalnath jyotiraditya scindia, सिंधिया बोले- वादे नहीं हुए पूरे तो करूंगा आंदोलन, CM कमलनाथ ने कहा- जो करना है करो

मध्य प्रदेश कांग्रेस में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है. सीएम कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया के बीच तकरार तेज हो गई है. कांग्रेस समन्वय समिति की बैठक में हमने आने वाले पंचायत चुनाव और सरकार के पुनर्गठन बात की.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया (Jyotiraditya Scindia) के वार पर कमलनाथ ने भी जवाब दिया है, उन्होंने कहा है कि जिसे आंदोलन पर उतरना है वह उतरे फिर. बता दें सिंधिया ने कमलनाथ सरकार पर किसानों का कर्ज माफ नहीं करने का आरोप लगाया है और कहा है सरकार किसान कर्ज माफ नहीं करेगी तो हम सड़कों पर उतरेंगे.

दिल्ली में कमलनाथ के निवास पर मध्य प्रदेश कोऑर्डिनेशन कमेटी की बैठक हुई. बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया करीब पौन घंटे तक शामिल रहे. इसके बाद ज्योतिरादित्य सिंधिया बैठक से निकल गए. खबर है कि बैठक में ज्योतिरादित्य सिंधिया ने सरकार और संगठन के बीच बेहतर तालमेल पर जोर देते हुए कई मुद्दों पर नाराजगी जताई है. ज्योतिरादित्य सिंधिया के बैठक जारी रहने के बीच इस तरह जाने को उनकी नाराजगी से जोड़कर देखा जा रहा है.

मुख्यमंत्री कमलनाथ ने शुक्रवार शाम को दिल्ली में कांग्रेस की अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात की थी. इस दौरान उन्होंने सिंधिया की तरफ से राज्य सरकार पर किए गए हमले को लेकर अपनी नाराजगी जाहिर की. सोनिया से मुलाकात के बाद कमलनाथ ने कहा कि मैंने पार्टी अध्यक्ष को बताया है कि सरकार घोषणापत्र के वादों को पूरा करने के लिए कितनी सक्षम है. मुख्यमंत्री ने बताया कि उनकी पंचायत चुनाव और नगर पालिका चुनाव की तैयारियों और संगठन के मुद्दों को लेकर बातचीत हुई. वहीं सिंधिया के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि वचन पत्र पांच साल के लिए होता है, पांच महीने के लिए नहीं.

सिंधिया ने कहा था “अतिथि शिक्षकों को कहना चाहता हूं कि आपकी मांग चुनाव के पहले सुनी थी, और आपकी मांग को मैंने ही उठाया था. आपकी मांग हमारे वचनपत्र में अंकित है, जो हमारे लिए किसी ग्रंथ से कम नहीं है. अभी सरकार को बने सिर्फ एक साल ही हुआ है. शिक्षकों को थोड़ा सब्र रखना होगा. इस मंच से अतिथि शिक्षकों को विश्वास दिलाता हूं कि अगर 5 साल में वचनपत्र की एक-एक बात पूरी नहीं हुई, तो आपकी ढाल मैं बनूंगा और आपकी तलवार भी मैं बनूंगा.”

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