सरदार सरोवर बांध का जलस्तर बढ़ने से गुजरात और मध्यप्रदेश के बीच टकराव, SC पहुंचा मामला

गुजरात सरकार चाहती है कि सरदार सरोवर बांध को आखिरी स्तर तक भरा जाए, जिसके चलते कई सामाजिक संगठन इसके विरोध में आ गए हैं.

सरदार सरोवर बांध में नर्मदा नदी का जलस्तर बढ़ने को लेकर गुजरात और मध्यप्रदेश के बीच चल रहा विवाद बढ़ता जा रहा है. गुजरात के सीएम के आरोपों पर मध्यप्रदेश के नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण विभाग के मंत्री सुरेंद्र सिंह बघेल ने टीवी 9 भारतवर्ष से खास बातचीत की.

बघेल ने कहा कि, गुजरात सरकार गलत तथ्य पेश कर रही है. उन्होंने पुनर्वास के लिए पूरा पैसा नहीं दिया. साथ ही मध्यप्रदेश की पूर्ववर्ती बीजेपी सरकार ने गलत सर्वे कराया ताकि गुजरात को अनैतिक फायदा पहुंचाया जा सके. गुजरात सरकार सिर्फ अपने प्रदेश की जनता का भला देख रही है लेकिन मध्यप्रदेश की जनता को मानवीय दृष्टिकोण से नहीं देख रही.

बघेल ने कहा कि, गुजरात के सीएम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को जन्मदिन का तोहफा देना चाहते हैं, इसलिए लेवल बढ़ाकर प्रदेश में विकास दिखाना चाहते हैं.

बघेल ने कहा, गुजरात सरकार न तो बिजली देने की शर्तें पूरी कर रही है और न पानी छोड़ रही है जो कि गलत है. पीएम मोदी से अपील करता हूं कि गेट खोलकर पानी आगे जाने दे.

गुजरात के CM विजय रूपाणि के मुताबिक नर्मदा डैम को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद भरा गया है. हाल में स्तर 137.50 पहुंचा है. खुद मध्य प्रदेश भी पानी छोड़ रहा है. अगर हम पानी नहीं रोकेंगे तो भरुच के आसपास नुकसान होगा. डैम भरना हमारा हक है. मध्य प्रदेश के विस्थापितों के लिए गुजरात सरकार ने पैसे दिए है. पैसा लेकर भी मध्य प्रदेश सरकार ने विस्थापन का काम नहीं किया है.

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