मध्य प्रदेश के 378 शहरों में पक्के मंच बनाकर रामलीला करवाएगी कमलनाथ सरकार

जयवर्धन सिंह ने बताया कि प्रदेश में सभी नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगम क्षेत्रों में रामलीला का मंचन कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि रामलीला का मंचन हमारी पुरानी परंपरा और पहचान है. इसको जीवित रखना और आगे बढ़ाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है.
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मध्य प्रदेश के शहरी इलाकों में कमलनाथ सरकार रामलीला का आयोजन करेगी. कांग्रेस सरकार प्रदेश के सभी 378 नगरीय निकायों में इसका मंचन सरकारी खर्चे पर किए जाने की तैयारी कर रही है. इसके लिए राम लीला के लिए पक्का मंच भी बनवाएगी. नगरीय विकास एवं आवास मंत्री जयवर्धन सिंह ने यह जानकारी दी. उन्होंने कहा कि कि प्रदेश सरकार रामलीला का मंचन कराएगी. इस बारे में हम योजना तैयार कर रहे हैं.

जयवर्धन सिंह ने बताया कि प्रदेश में सभी नगर पंचायतों, नगर पालिकाओं और नगर निगम क्षेत्रों में रामलीला का मंचन कराया जाएगा. उन्होंने कहा कि रामलीला का मंचन हमारी पुरानी परंपरा और पहचान है. इसको जीवित रखना और आगे बढ़ाना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है. प्रदेश के सभी नगर निकायों में हर साल राममलीला के आयोजन को उन्होंने अपना सपना बताया. सिंह ने कहा कि इस योजना के लिए सरकार पूरी रकम मुहैया कराएगी.

विजयादशमी के अवसर पर देश और विदेशों में रामलीला के मंचन किए जाने की परंपरा है. हिंदुओं के धार्मिक ग्रंथों के मुताबिक भगवान श्रीराम ने वनवास के दौरान जिन जगहों पर रुके थे उनमें से कई इलाके मध्य प्रदेश में आते हैं. विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने अपने घोषणापत्र में राम वनगमन पथ मार्ग को विकसित करने और गोशाला बनाने का वादा किया था.

मुख्यमंत्री कमलनाथ अपने वादे को कई बार दोहराया है कि वह प्रदेश में 6 हजार गोशाला बनवाएंगे, लेकिन इस मामले में अभी तक कोई कदम नहीं उठा जा सका है. दूसरी ओर चित्रकूट से अमरकंटक तक लगभग दो सौ किलोमीटर के राम वनगमन पथ के लिए सरकार ने शुरुआत में 22 करोड़ रुपये मंजूर किए हैं.

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