बिहार में महागठबंधन के संकट का आज होगा समाधान, थोड़ी ही देर में खत्म होगा सस्पेंस

बिहार में महागठबंधन का संकट थोड़ी ही देर में सुलझ सकता है. कल टाली गई प्रेस कॉन्फ्रेंस आज होनेवाली है. जिन बिंदुओं पर महागठबंधन की गाड़ी फंसी हुई थी उनके बारे में जानिए.

पटना: बिहार में महागठबंधन की गाड़ी सीट बंटवारे कि जिस गड्ढे में फंसी थी वहां से निकलने जा रही है. आज थोड़ी ही देर में महागठबंधन की तरफ से बताया जाएगा कि बिहार की किस सीट से कौन सी पार्टी अपना प्रत्याशी उतारेगी.

गुरुवार को होनेवाली प्रेस कॉन्फ्रेंस इसीलिए टल गई थी क्योंकि कुछ सीटों को लेकर कोई सहमति नहीं बन सकी. कांग्रेस और आरजेडी के बीच तनातनी बढ़ने के बाद ही महागठबंधन खटाई में पड़ता भी नज़र आया लेकिन ऐन मौके पर सोनिया गांधी ने सक्रियता दिखाते हुए बिहार कांग्रेस के नेताओं से बात की.

जिन सीटों पर सबसे ज़्यादा उलझाव है उनमें दरभंगा और सुपौल शामिल हैं. दरभंगा में आरजेडी अब्दुल बारी सिद्दीकी को मैदान में उतार रही है जबकि कीर्ती आज़ाद क्षेत्र को छोड़ बेतिया से चुनाव लड़ने को राजी नहीं थे.

दूसरी सीट सुपौल पर संकट ये था कि कांग्रेस की मौजूदा सांसद रंजीत रंजन के नाम पर किसी को आपत्ति तो नहीं लेकिन उनके पति पप्पू यादव मधेपुरा से महागठबंधन के उम्मीदवार शरद यादव के खिलाफ उतरने जा रहे हैं. ऐसे में आरजेडी की परेशानी ये है कि सुपौल में रंजीत को उसके कार्यकर्ता समर्थन देंगे मगर मधेपुरा में शरद यादव के सामने रंजीत के पति की दावेदारी वोट काट कर उनके प्रत्याशी को कमज़ोर करेगी.

शत्रुघ्न सिन्हा को लेकर भी असमंजस बना हुआ है. यूं तो उन्हें अब तक कांग्रेस ज्वाइन करके पटना से प्रत्याशी बनना था लेकिन आरजेडी-कांग्रेस की सीटों पर असहमति की वजह से वो ठिठक गए हैं. शत्रुघ्न के रिश्ते लालू परिवार से भी अच्छे हैं. माना जा रहा है कि सीट वितरण में सहमति बनने तक लालू ने उन्हें रुकने के लिए मना लिया है.