जानिए कौन है वो नेता जिसने देश में पहली बार NOTA को हराकर जीता चुनाव

धीरज देशमुख की जीत के बाद एक दिलचस्प आंकड़ेबाजी सामने आई है. धीरज देशमुख को 1,33,161 वोट मिले. उन्होंने अपने सभी प्रतिद्वंद्विदयों को पीछे छोड़ दिया.

मुंबई: देश के दो राज्यों हरियाणा और महाराष्ट्र में हुए विधानसभा चुनावों में भाजपा को सीटों का नुकसान जरूर हुआ है लेकिन सरकार बनाने की ओर अग्रसर हैं. इस बीच महाराष्ट्र की एक सीट ने सबको चौंका दिया है. लातूर ग्रामीण विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी धीरज देशमुख ने चुनाव जीत लिया है. लेकिन उन्होंने किसी प्रत्याशी को नहीं बल्कि नोटा को हराया है.

धीरज देशमुख महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख के बेटे और फिल्म अभिनेता रितेश देशमुख के भाई हैं. उन्हें कांग्रेस ने इस बार लातूर ग्रामीण से अपना उम्मीदवार बनाया था. कांग्रेस ने उनके दूसरे भाई अमित देशमुख को लातूर सिटी से उम्मीदवार बनाया था.

धीरज देशमुख की जीत के बाद एक दिलचस्प आंकड़ेबाजी सामने आई है. धीरज देशमुख को 1,33,161 वोट मिले. उन्होंने अपने सभी प्रतिद्वंद्विदयों को पीछे छोड़ दिया. उनका मुकाबला मुख्य रूप से शिवसेना के सचिन उर्फ रवि रामराजे देशमुख से था. लेकिन नतीजों ने सभी को चौंका दिया. शिवसेना उम्मीदवार को सिर्फ 13335 वोट मिले. और उनकी जमानत जब्त हो गई. दूसरे नंबर पर नोटा रहा. कुल 27 हजार 287 लोगों ने नोटा के सामने वाला बटन दबाया.

देश में ऐसा पहला ऐसा मौका है जब एक उम्मीदवार ने नोटा को हराया है, या नोटा दूसरे नंबर पर रहा है. इस चुनाव में वंचित बहुजन अगाड़ी पार्टी के उम्मीदवार को 12755 वोट मिले और वह चौथे नंबर पर रहे. 288 सीटों वाली महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को 46 सीटों पर जीत मिली है. वहीं उसकी सहयोगी एनसीपी को 53 सीटों पर जीत मिली है. बीजेपी और शिवसेना गठबंधन को 160 सीटों पर जीत मिली है. इसमें बीजेपी को 103 और शिवसेना को 57 सीटें मिली हैं.