शिवसेना को लगा करारा झटका, कांग्रेस-NCP ने कहा- अभी सरकार बनाने पर फैसला नहीं किया

मुंबई में आज एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई. इसमें महाराष्ट्र में सरकार गठन पर चर्चा हुई. इस मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि शिवसेना ने 11 नंवबर को हमसे आधिकारिक तौर पर संपर्क किया था.

महाराष्ट्र में सियासी घमासान (Maharashtra Government Crisis) जारी है. राज्य में राष्ट्रपति शासन (President Rule) लगा दिया गया है. राज्यपाल ने पहले बीजेपी फिर शिवसेना और एनसीपी (BJP, Shiv Sena NCP) को सरकार बनाने का प्रस्ताव दिया था लेकिन तीनों ने ही सरकार बनाने से इनकार कर दिया था. मुंबई में आज एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई. इसमें महाराष्ट्र में सरकार (Maharashtra Government) गठन पर चर्चा हुई. इसके बाद दोनों नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की.

मुंबई में आज एनसीपी और कांग्रेस नेताओं की बैठक हुई. इसमें महाराष्ट्र में सरकार गठन पर चर्चा हुई. इस मीटिंग के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि शिवसेना ने 11 नंवबर को हमसे आधिकारिक तौर पर संपर्क किया था. एनसीपी नेता प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि महाराष्ट्र की राजनीतिक हालात पर हमारी चर्चा हुई. इतने महत्वपूर्ण मुद्दे पर व्यापक चर्चा हुई. फैसले से पहले सभी पहलुओं पर चर्चा हुई. शिवसेना ने हमसे कल संपर्क किया था.

कांग्रेस नेता अहमद पटेल ने कहा कि आज जैसे राष्ट्रपति शासन लागू हुआ मैं उसकी आलोचना करता हूं, इस सरकार ने 5 साल में किसी भी नियम को नहीं माना है. लोकतंत्र का मजाक बनाया है. गवर्नर ने कांग्रेस को न्योता नहीं दिया ये बिल्कुल गलत बात है.

पत्रकारों के सवालों के जवाब देते हुए अहमद पटेल ने कहा कि कल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा का शिवसेना की तरफ से पहली बार आधिकारिक तौर पर फोन किया गया था. लेकिन यह गठबंधन के दूसरे दल से बात किए बिना तय नहीं किया जा सकता था. पहले हमारी बात हो जाए, सारी बातें क्लियर हो जाएं. तब हम शिवसेना से भी बात कर लेंगे. एनसीपी से बात के बाद शिवसेना से बातचीत की कोशिश जल्द होगी. न्यूनतम साझा कार्यक्रम के मुद्दों पर स्पष्टीकरण जरूरी है.

महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी ने मंगलवार को राजनीतिक पार्टियों को चौंकाते हुए, राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की अनुशंसा वाली एक रिपोर्ट राष्ट्रपति को भेजी है. राजभवन की ओर से घोषणा के अनुसार, “महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी इस बात से संतुष्ट हैं कि चूंकि राज्य सरकार को संविधान के अनुसार नहीं चलाया जा सकता. उन्होंने इस बाबत संविधान के अनुच्छेद 356 के प्रावधानों पर विचार करने के बाद आज एक रिपोर्ट दाखिल की है.

शिवसेना के साथ सरकार गठन की कठिनाइयों की ओर इशारा करते हुए शरद पवार ने कहा कि हमारा और कांग्रेस का एक कॉमन घोषणा पत्र था, इसलिए हमें अपने कॉमन मिनिमम प्रोग्राम के बारे में चिंता नहीं है. लेकिन अगर हमें थर्ड पार्टी के साथ सरकार बनानी है तो हमें बैठना पड़ेगा और चर्चा करनी पड़ेगी. शरद पवार से जब शिवसेना के साथ वैचारिक मतभेद के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि जब तक हमलोग साथ आने का फैसला नहीं लेते हैं, इस प्रश्न का सवाल ही नहीं उठता है. एक बार जब हम साथ बैठने का फैसला करते हैं, हमलोग इस बारे में जवाब देंगे.