शिवसेना ने तोड़ा 30 साल पुराना गठबंधन क्या वो लोकतंत्र की हत्या नहीं? रविशंकर प्रसाद का पलटवार

शिवसेना ने तोड़ा 30 साल पुराना गठबंधन क्या वो लोकतंत्र की हत्या नहीं, कांग्रेस के हमले पर रविशंकर का पलटवार
Maharashtra Government Formation, शिवसेना ने तोड़ा 30 साल पुराना गठबंधन क्या वो लोकतंत्र की हत्या नहीं? रविशंकर प्रसाद का पलटवार

शिवसेना ने तोड़ा 30 साल पुराना गठबंधन क्या वो लोकतंत्र की हत्या नहीं? देवेंद्र फडणवीस को जनादेश मिला था, शिवसेना के प्रदर्शन में भी बीजेपी का बड़ा योगदान रहा. शिवसेना ने 30 साल पुरानी दोस्ती तोड़ी तब लोकतंत्र की हत्या नहीं हुई? जब अजित पवार के नेतृत्व में बड़ा तबका आकर देवेंद्र फडणवीस को समर्थन दे तो क्या लोकतंत्र की हत्या हो गई? केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मीडिया को संबोधित करते हुए यह बात कही.

शिवसेना पर हमला करते हुए रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो लोग बाला साहेब के विचारों को छोड़ दें, उनके बारे कुछ नहीं कहना, बाला साहेब का कांग्रेस विरोध जगजाहिर है.

रविशंकर प्रसाद ने कहा, “महाराष्ट्र की जनता का सवाल था कि हमने जनादेश दिया तो आप सरकार क्यों नहीं बना रहे हैं. क्या इतने बड़े राज्य को ऐसे ही छोड़ दिया जाता? हम एक ईमानदार सरकार देंगे.”

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि यह देश की आर्थिक राजधानी पर कब्जा करने की कोशिश थी. उन्होंने सवाल किया कि क्या कांग्रेस, एनसीपी, शिवसेना में से किसी ने राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश किया था?

उन्होंने कहा, “हमारे पीएम और गृह मंत्री के खिलाफ स्तरहीन भाषा का प्रयोग किया गया, हमने इसे सहा है. आज तक ऐसा नहीं हुआ कि गठबंधन में रहकर कोई ऐसा बोले. हम एक स्थिर, प्रभावी और प्रमाणिक सरकार देंगे.”


रविशंकर प्रसाद ने कहा कि एनसीपी के अंदर क्या चल रहा है उसपर कोई टिप्पणी नहीं करूंगा. उन्होंने सवाल किया कि एक बड़ा जनादेश और बहुमत मिला था, शिवसेना ने क्यों 360 डिग्री का टर्न ले लिया?

रविशंकर प्रसाद ने कहा कि जो लोग बाला साहेब के विचारों को छोड़ दें, उनके बारे कुछ नहीं कहना, बाला साहेब का कांग्रेस विरोध जगजाहिर है.

गौरतलब है कि शिवसेना सांसद संजय राउत ने भाजपा पर आरोप लगाते हुए कहा कि एनसीपी के नेता अजीत पवार को भाजपा का समर्थन करने के लिए ‘ब्लैकमेल’ किया गया.

राउत ने कहा, “अजीत पवार को ब्लैकमेल किया गया. हमें पता है कि यह किसने किया है और इसके पीछे कौन है और यह कैसे हुआ है. हम ‘सामना’ में इसका पर्दाफाश कुछ ही दिनों में करेंगे.”

ये भी पढ़ें-

राजभवन कैसे पहुंचे NCP के विधायक? सुनें रातोंरात सरकार बनवाने वाले 3 MLAs का आंखों देखा हाल

‘महाराष्ट्र में सीएम बनना ठीक वैसे ही जैसे दूल्हे की हो गई शादी बिना बैंड-बाजा और बारात’

Related Posts