सुबह का भूला शाम को घर लौट आए तो उसे भूला नहीं कहते… अजित पवार को मनाने की कोशिश में जुटे मलिक

वापसी की कोशिश में रविवार सुबह सुनील तटकरे, नवाब मलिक, कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण और बाला साहेब थोराट, अजित पवार के घर पहुंचे हैं.
Ajit Pawar, सुबह का भूला शाम को घर लौट आए तो उसे भूला नहीं कहते… अजित पवार को मनाने की कोशिश में जुटे मलिक

महाराष्ट्र की राजनीति में कब क्या होगा? ठीक-ठीक इस बारे में कोई भी नहीं बता सकता. लेकिन हां जैसा कि शनिवार को शिवसेना सांसद संजय राउत और एनसीपी नेता नवाब मलिक ने कहा था कि सभी विधायक उनके खेमें में वापस आ जाएंगे, वैसा ही रविवार सुबह होता दिख रहा है.

गायब NCP MLA अनिल भाईदास पाटिल ने शरद पवार के प्रति आस्था जताते हुए ट्वीट कर वापसी की घोषणा की है. वहीं अहमदनगर से एनसीपी विधायक बालासाहेब पाटिल ने भी वीडियो जारी कर शरद पवार खेमें में वापसी की घोषणा की है. उन्होंने कहा कि मुझे झूठ बोलकर राजभवन ले जाया गया था. मैं शरद पवार के साथ हूं.

वहीं नवाब मलिक ने रविवार को एक बार फिर से अपनी बात दोहराते हुए कहा कि आज शाम तक सभी विधायक फिर से हमारे खेमें में वापस आ जाएंगे. फडणवीस जी फ्लोर पर बहुमत साबित नहीं कर पाएंगे.

इतना ही नहीं शरद पवार के भतीजे अजित पवार की पार्टी में वापसी की अपील करते हुए मलिक ने कहा, ‘अजित पवार ने बहुत बड़ी ग़लती की है. शनिवार शाम से उन्हें मनाने की कोशिश की जा रही है. हालांकि अभी तक उनकी तरफ से वापसी के कोई संकेत नहीं मिले हैं. अच्छा होगा अगर उन्हें अपनी ग़लती का एहसास हो.’

इतना ही नहीं अजित पवार के लिए पार्टी में वापसी का रास्ता साफ करते हुए कहा कि अगर सुबह का भूला शाम को वापस आ जाए तो उसे भूला नहीं कहते.

उधर रविवार सुबह से एनसीपी प्रमुख शरद पवार के घर पर आने वाले नेताओं का तांता लगा हुआ है.

बताया जा रहा है कि वापसी की कोशिश में रविवार सुबह सुनील तटकरे, नवाब मलिक, कांग्रेस नेता अशोक चव्हाण और बाला साहेब थोराट, अजित पवार के घर पहुंचे हैं. इस दौरान उन्हें एनसीपी में वापस बुलाने की कोशिश चल रही है.

उधर नवनियुक्त विधायक दले के नेता जयंत पाटिल राज्यपाल के पास एक ख़त लेकर पहुंचे थे. इस ख़त में उन्होंने पार्टी की विचारधारा स्पष्ट किया है. उन्होंने चिट्ठी में लिखा है कि अजित पवार की चिट्ठी को संज्ञान में न लें. सरकार हम बनाएंगे. हमारे सभी विधायक हमारे साथ हैं.

राज्यपाल एक कार्यक्रम के सिलसिले में दिल्ली आए हुए हैं इसलिए जयंत पाटिल ने ख़त राज्यपाल भवन पर छोड़कर वापस आ गए हैं. फ़िलहाल वो अजित पवार के घर पर उन्हें मनाने पहुंचे हैं.

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