उद्धव ठाकरे सीएम बनने को तैयार नहीं, मनाने में जुटे शरद पवार; ऐसे में कैसे बनेगी सरकार?

सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को ही मुंबई में सरकार गठन तथा इसकी पूरी रूपरेखा के बारे में घोषणा की जा सकती है.

Maharashtra Govt Formation 2019: महाराष्ट्र में सरकार बनाने के कवायदों को एक बार फिर झटका लगा है. दरअसल शिवसेना प्रमुख उद्धव ठाकरे मुख्यमंत्री पद के लिए तैयार नहीं है. शिवसेना प्रमुख अपनी जगह पार्टी के ही किसी बड़े नेता को यह पद देना चाहते हैं. वहीं राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा- NCP) प्रमुख शरद पवार उद्धव ठाकरे को ही सीएम बनाना चाहते हैं.

इससे पहले सरकार गठन की कवायद में जुटी कांग्रेस और राकांपा (NCP) ने मैराथन बैठकों के बाद बृहस्पतिवार को सभी मुद्दों पर सहमति बना ली. माना जा रहा है कि नयी सरकार के गठन एवं इसकी रूपरेखा के बारे में शुक्रवार को घोषणा की जा सकती है.

दोनों पार्टियों के वरिष्ठ नेताओं की बैठक के बाद राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि कांग्रेस और राकांपा के बीच सभी मुद्दों पर बातचीत हो गई है और सहमति भी बन गई है.

चव्हाण के मुताबिक अब दोनों पार्टियां शुक्रवार को मुंबई में समाजवादी पार्टी एवं स्वाभिमानी शेतकारी संगठन जैसे अपने छोटे सहयोगी दलों और शिवसेना के साथ बातचीत करेंगी.

उन्होंने कहा कि कल मुंबई में ही इस बारे में विचार होगा कि नयी सरकार का क्या स्वरूप होगा.

सूत्रों का कहना है कि शुक्रवार को ही मुंबई में सरकार गठन तथा इसकी पूरी रूपरेखा के बारे में घोषणा की जा सकती है.

इस बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल, जयराम रमेश और मल्लिकार्जुन खड़गे शामिल थे. राकांपा की तरफ से प्रफुल्ल पटेल, सुप्रिया सुले, अजीत पवार, जयंत पाटिल और नवाब मलिक शामिल हुए.

इससे पहले कांग्रेस की सर्वोच्च नीति निर्धारण इकाई कांग्रेस कार्य समिति (सीडब्ल्यूसी) ने महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ सरकार गठन के लिए आगे बढ़ने को लेकर बृहस्पतिवार को स्वीकृति प्रदान कर दी.

कांग्रेस और राकांपा के वरिष्ठ नेताओं ने बुधवार को भी मैराथन बैठक की थी और इसके बाद ऐलान किया था कि वे जल्द ही राज्य में शिवसेना के साथ मिलकर नयी सरकार का गठन करेंगे.

इस बीच, शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय राउत ने कहा कि इस महीने के आखिर तक महाराष्ट्र को नयी सरकार मिलने की पूरी संभावना है.

कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि कांग्रेस-राकांपा के नेता शिवसेना नेताओं के साथ संपर्क में बने हुए थे और साझा न्यूनतम कार्यक्रम लगभग तैयार है.

एक सूत्र ने बताया कि साझा न्यूनतम कार्यक्रम में किसानों के मुद्दों को प्राथमिकता मिलने वाली है.

गत 24 अक्टूबर को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव के नतीजे आने के बाद से सरकार गठन को लेकर लगातार असमंजस की स्थिति बनी हुई है. चुनाव में भाजपा-शिवसेना गठबंधन को बहुमत मिला था, लेकिन ढाई साल के लिए मुख्यमंत्री पद पर शिवसेना के दावे के बाद दोनों के रास्ते अलग हो गए.

इस चुनाव में भाजपा और शिवसेना ने क्रमश: 105 और 56 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि कांग्रेस और राकांपा ने क्रमश: 44 और 54 सीटें हासिल कीं.