अपनी हथिनी को छुड़ाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचा महावत, बोला- मेरी फैमिली जैसी है!

महावत ने कोर्ट में कहा कि वह 10 साल से हथिनी लक्ष्मी के साथ था. उसकी हथिनी लक्ष्मी के प्रति गहरी संवेदना है और उनका रिश्ता एक परिवार के जैसे है.
Mahout moves Supreme Court, अपनी हथिनी को छुड़ाने सुप्रीम कोर्ट पहुंचा महावत, बोला- मेरी फैमिली जैसी है!

सुप्रीम कोर्ट ने राजधानी दिल्ली में रहने वाले एक महावत की याचिका ठुकरा दी है. उसने मांग की थी कि पालतू हथिनी ‘लक्ष्मी’ को रिहा कर उसे वापस कर दिया जाए. चीफ जस्टिस एसए बोबड़े ने महावत की बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका पर कोई भी आदेश जारी करने से इंकार कर दिया.

याचिका में कहा गया था कि उसकी हथिनी को वन विभाग ने हरियाणा में हिरासत में रखा हुआ है, उसे रिहा करवाया जाए. कुछ महीने पहले वन विभाग के अधिकारी वन्य जीव अधिनियम के तहत लक्ष्मी को उठाकर ले गए थे. जिसके बाद महावत ने सुप्रीम कोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर करके अपनी हथिनी की रिहाई की मांग की है, लेकिन अदालत ने कोई भी आदेश जारी करने से इंकार कर दिया.

वन विभाग के अधिकारियों ने हथिनी को पुनर्वास केंद्र में रखा है. दिल्ली की हथिनी लक्ष्मी को वन अधिकारियों ने यमुना बैंक के पास से हरियाणा भेज दिया था. बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका में महावत ने कोर्ट में कहा कि वह 10 साल से हथिनी लक्ष्मी के साथ था. उसकी हथिनी लक्ष्मी के प्रति गहरी संवेदना है और उनका रिश्ता एक परिवार के जैसे है. सितंबर में वह लक्ष्मी को एक शिविर में ले जा रहा था, तभी वन विभाग के अधिकारियों ने उसे अपने कब्जे में ले लिया था. अब वो हरियाणा के पुनर्वास केंद्र में है.

महावत ने कहा कि उसने वन विभाग के अधिकारियों से जब हथिनी लक्ष्मी को छुड़ाने की कोशिश की तो उसे गिरफ्तार कर लिया गया था. महावत ने बताया कि 25 नवंबर को वह पुलिस की हिरासत से रिहा हुआ है.

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