आयुष्मान भारत, पीएम किसान सम्मान निधि लागू करने को राजी हुईं ममता, केंद्र को लिखे पत्र में शर्तें भी लगाईं

2021 के चुनावों से पहले, ममता बनर्जी सरकार दो प्रमुख केंद्रीय योजनाओं का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं, लेकिन शर्तों के साथ.

मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री और केंद्रीय कृषि मंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद पश्चिम बंगाल सरकार, केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना और पीएम किसान सम्मान निधि योजना का हिस्सा बनने के लिए तैयार हो गई है.

9 सितंबर को डॉ. हर्षवर्धन को पत्र लिखते हुए ममात बनर्जी ने कहा, “कई मौकों पर ये सुना गया है कि पश्चिम बंगाल की सरकार केंद्र सरकार की आयुष्मान भारत योजना को लागू नहीं कर रही है. जबकि इस बात की सराहना की जा सकती है कि आयुष्मान भारत के लॉन्च होने के बहुत पहले से राज्य सरकार ने सभी सरकारी अस्पतालों में सभी के लिए 100 प्रतिशत नि: शुल्क उपचार, दवाएं और निदान शुरू किए हुए हैं.”

इसी के साथ उन्होंने राज्य सरकार की स्वास्थ्य साथी योजना का जिक्र भी किया, जिसके तहत बंगाल की साढ़े सात करोड़ की आबादी आती है. हालांकि ममता बनर्जी ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री से कहा है कि भारत सरकार की इस योजना के विस्तार के लिए एक शर्त ये होगी कि योजना का 100 प्रतिशत खर्च और पूरा धन राज्य सरकार के माध्यम से भेजा जाए.

कृषि मंत्री को भी लिखा पत्र

वहीं 9 सितंबर को ममता बनर्जी ने केंद्रीय कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर को भी पत्र लिखा था. इस पत्र में उन्होंने कृषि मंत्री से पश्चिम बंगाल को भी पीएम किसान सम्मान निधि में शामिल करने के लिए कहा. हालांकि इस पत्र में भी उन्होंने यही शर्त रखी कि योजना के लिए ट्रांसफर किया जाने वाला धन राज्य सरकार के जरिए दिया जाए. हालांकि केंद्र की तरफ से इन पत्रों को लेकर कोई प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है.

मालूम हो कि ममता बनर्जी के नेतृत्व वाली पश्चिम बंगाल सरकार केंद्र की मोदी सरकार की योनजनाओं को लेकर अनबन की स्थिति में रही हैं. ममता बनर्जी ने हमेशा गर्व के साथ अपनी सरकार की उन योजनाओं को बढ़ावा दिया, जिन्होंने वैश्विक स्तर पर वाहवाही हासिल की है और केंद्र सरकार के समक्ष उन्हें स्थापित करने का दावा किया है. हालांकि अब 2021 के चुनावों से पहले, ममता बनर्जी सरकार दो प्रमुख केंद्रीय योजनाओं का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं, लेकिन शर्तों के साथ.

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