ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान- शरणार्थियों को जमीन का मालिकाना हक देगी पश्चिम बंगाल सरकार

ममता बनर्जी ने कहा कि 1971 से ही ये अधर में लटके हुए हैं और ना तो इनके पास जमीन है और ना ही घर.
Mamata Banerjee decide, ममता बनर्जी का बड़ा ऐलान- शरणार्थियों को जमीन का मालिकाना हक देगी पश्चिम बंगाल सरकार

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री व टीएमसी प्रमुख ममता बनर्जी ने शरणार्थियों की बड़ी राहत दी है. ममता ने शरणार्थी बस्तियों को नियमीत करने का ऐलान किया है. उन्होंने कहा कि यह शरणार्थियों का अधिकार है.

ममता बनर्जी के मुताबिक, बंगाल सरकार शरणार्थियों को भूमि का मालिकाना हक देगी. लंबे समय से वे जिन कॉलोनियों में रह रहे हैं, उनको नियमित किया जाएगा.

ममता बनर्जी ने कहा कि 1971 से ही ये अधर में लटके हुए हैं और ना तो इनके पास जमीन है और ना ही घर. मेरा मानना है कि यह शरणार्थियों का अधिकार है. इस पर बीजेपी ने कहा है कि ममता बनर्जी अवैध प्रवासियों को बचाने की कोशिश कर रही हैं.

ममता बनर्जी ने सोमवार को कहा, “प्राइवेट पार्टी और केंद्र सरकार की जमीन पर बनी शरणार्थी बस्तियों को रेग्युलराइज करने के प्रयास किए जाएंगे. विस्थापित हुए लोगों को भी राज्य सरकार की ओर से जमीन का मालिकाना हक दिया जाएगा.”

दूसरी तरफ, पश्चिम बंगाल के करीमपुर विधानसभा क्षेत्र में सोमवार को उपचुनाव के लिए मतदान हुआ. इस दौरान भाजपा प्रत्याशी जयप्रकाश मजूमदार को तृणमूल कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर थप्पड़, लात, घूंसे मारे और सड़क किनारे झाड़ी में फेंक दिया. हालांकि, तृणमूल ने इस घटना में अपने कार्यकर्ताओं के शामिल होने से इनकार किया है.

यह घटना नदिया जिले के पिपुलखोला थाने के अंतर्गत खियाघाट इस्लामपुर प्राथमिक स्कूल बूथ के बाहर उस समय हुई, जब मजूमदार यह जानकारी मिलने पर बूछ पहुंचे कि बूथ से लगभग 10 मीटर की दूरी पर एक ‘संदिग्ध’ दावत के लिए एक घर में बड़ी मात्रा में भोजन पकाया जा रहा है.

मजूमदार मौजूदा प्रदेश भाजपा उपाध्यक्ष हैं. उन्होंने 10-11 लोगों को खाना पकाने में व्यस्त पाया और इन लोगों ने दावा किया कि भोजन मतदान अधिकारियों के लिए तैयार किया जा रहा है. हालांकि, अधिकारियों ने इस तरह की किसी जानकारी से इनकार किया.

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