डॉक्टरों को अल्टीमेटम पर ममता की भावुक अपील, फेसबुक पर पोस्ट की मरीजों की तस्वीरें

“मैं उन सीनियर डॉक्टररों और प्रोफेसरों की आभारी हूं जो अपनी अभी भी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं. कुछ राजनीतिक दल सोशल मीडिया पर अफवाहें फैला रहे हैं.”

कोलकाता: पश्चिम बंगाल के अस्पतालों में जूनियर डॉक्टरों की हड़ताल को लेकर जारी गतिरोध के बीच प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने गुरुवार को एक पत्र के जरिए राज्य के वरिष्ठ डॉक्टरों से सभी रोगियों की देखभाल करने की अपील की. मुख्यमंत्री ने अस्पतालों को ‘सुचारु और शांतिपूर्वक’ ढंग से चलाने का डॉक्टरों से आग्रह किया.

इससे पहले दिन में बनर्जी राजकीय SSKM अस्पताल गईं, जहां उन्होंने आंदोलनरत डॉक्टरों को हड़ताल वापस लेने के लिए चार घंटे का अल्टीमेटम दिया और समय सीमा के भीतर स्थिति सामान्य नहीं होने पर ‘कड़ी कार्रवाई’ की चेतावनी दी.

उन्होंने कहा, “अस्पतालों को ‘सुचारु और शांतिपूर्वक’ ठग से चलाना ही होगा.”

एनआरएस अस्पताल में सोमवार को इलाज के दौरान 75 वर्षीय मरीज ने दम तोड़ दिया, जिसके बाद उसके परिजनों ने कथित रूप से एक जूनियर डॉक्टर की पिटाई कर दी.

मंगलवार सुबह विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया और डॉक्टरों ने नियमित सेवाओं को ठप कर दिया. हमले में परिभा मुखर्जी नामक एक इंटर्न को सिर पर गंभीर चोट आई है. कोलकाता के पार्क सर्कस इलाके में इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंसेस की गहन देखभाल इकाई में उसे भर्ती कराया गया है.

इस पूरे मामले को लेकर ममता ने अपने फेसबुक अकाउंट पर एक भावुक पोस्ट लिखी है. उन्होंने लिखा, “3 दिन पहले NRS हॉस्पिटल में एक दुर्भाग्‍यपूर्ण घटना घटी. मरीजों का इलाज नहीं हो पा रहा है इसलिए मैंने अपने चंद्रिमा भट्टाचार्जी, राज्य मंत्री, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण को घायल डॉक्‍टर से मिलने और विरोध प्रदर्शन कर रहे जूनियर डॉक्‍टरों के एक समूह से बातचीत करने भेजा था. कैंसर और किडनी के मरीज, दुर्घटनाओं में घायल लोग, यहां तक कि दूर-दूर से आए बच्‍चे बिना इलाज के परेशानी झेल रहे हैं.”

“मैंने जूनियर डॉक्‍टरों से बात करने के लिए कोलकाता के पुलिस कमिश्‍नर को भेजा. पांच लेागों को अरेस्‍ट किया गया है, अदालत ने उनकी बेल याचिका भी ठुकरा दी. हमारी सरकार घायल डॉक्‍टर की देखभाल कर रही है. प्रार्थना है कि वो जल्दी ठीक हो जाए. मिली जानकारी के मुताबिक उनकी हालत सुधर रही है.”

“हमारी सरकार पूरा साथ भी दे रही है और जरूरी कार्रवाई भी कर रही है. बावजूद इसके दूसरे राजनीतिक दल लोगों को उकसाने की कोशिश कर रहे हैं. हमें उनकी ऐसी किसी चाल में फंसना नहीं है.”

“मैं जब SSKM हॉस्पिटल गई तो वहां मैंने देखा कि अलग-अलग राजनीतिक दलों के लोग अस्‍पताल की शांति भंग कर जोन में नारे लगा रहे थे. एमरजेंसी सेवाएं रोक दी गई थीं. मरीजों के परिजन रो रहे हैं, ओपीडी बंद हैं. मैंने कुछ मरीजों को इलाज के लिए तुरंत प्राइवेट अस्‍पतालों में भिजवाया.’

“मैं उन सीनियर डॉक्‍टरों और प्रोफेसरों की आभारी हूं जो अपनी अभी भी अपनी ड्यूटी कर रहे हैं. कुछ राजनीतिक दल सोशल मीडिया पर अफवाहें फैला रहे हैं.”

बता दें कि सोमवार को 75 साल के एक मरीज की मौत के बाद उसके परिजनों ने गुस्से में आकर जूनियर डॉक्‍टरों की पिटाई कर दी थी. जिसकी वजह से एक इंटर्न डॉक्‍टर के सिर में चोट आई थी. जूनियर डॉक्टर पर हमले के विरोध में आकर पश्चिम बंगाल के कई जिलों में डॉक्टरों ने हड़ताल शुरू कर दी थी.