जिस लेफ्ट से लड़कर सत्‍ता पाई, आज उसके साथ खड़े होने को क्‍यों तैयार हैं ममता बनर्जी?

नंदीग्राम में ममता ने जैसा एक्टिविज्‍म दिखाया था, उसे 2011 में TMC की एकतरफा जीत की सबसे बड़ी वजह माना जाता है.

कोलकाता: भाजपा का मुकाबला करने को पश्चिम बंगाल की मुख्‍यमंत्री ममता बनर्जी ने लेफ्ट और कांग्रेस से साथ आने की अपील की है. बुधवार को ममता ने कहा कि भाजपा को राज्‍य की ‘संस्‍कृति और सभ्‍यता’ बर्बाद करने से रोकने के लिए कांग्रेस और लेफ्ट उनकी पार्टी, तृणमूल कांग्रेस (TMC) के साथ आ जाएं. हालांकि उन्‍होंने साफ किया कि वह राजनैतिक गठबंधन की बात नहीं कर रही हैं.

लेफ्ट और कांग्रेस नेताओं ने कहा कि वे ममता की अपील पर तभी विचार करेंगे जब वो यह मान लें कि TMC ने ही बंगाल में बीजेपी के लिए दरवाजे खोले. ममता ने लेफ्ट और कांग्रेस विधायकों को लोकसभा चुनाव की याद दिलाई जब बीजेपी के खिलाफ 22 पार्टियां एक साथ आ गई थीं.

ममता की इस अपील के पीछे है पश्चिम बंगाल में बीजेपी का बढ़ता प्रभाव. इस लोकसभा चुनाव में पश्चिम बंगाल के 43% वोट शेयर के साथ TMC ने 22 सीटें जीती हैं. बीजेपी ने 40% से ज्‍यादा वोट शेयर लेकर 18 सीटें पाईं और दूसरे नंबर पर रही. लेफ्ट का वोट शेयर बुरी तरह गिरकर 7.5 फीसदी तक रह गया था, कांग्रेस को सिर्फ 5.5% वोट मिले.

ममता लेफ्ट की राजनीति का विरोध कर ही सत्‍ता तक पहुंची हैं. लेफ्ट फ्रंट की सरकार के आदेश पर नंदीग्राम में प्रदर्शनकारियों पर जैसा अत्‍याचार हुआ, उसका ममता ने ऐसा विरोध किया कि वह लोगों के दिलों में जगह बना गईं. तब ममता ने जैसा एक्टिविज्‍म दिखाया था, उसे 2011 में TMC की एकतरफा जीत की सबसे बड़ी वजह माना जाता है.

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