तीन तलाक बिल बना कानून, ममता बनर्जी के मंत्री ने कहा ‘नहीं मानेंगे’

तीन तलाक बिल को दोनों सदनों से पास कराने के बाद केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रपति के पास भेज दिया. जिस पर राष्ट्रपति ने पहली ही बार में हस्ताक्षर कर दिया और बिल कानून बन गया है.

कोलकाता: तीन तलाक को अपराध बनाने वाला बिल संसद के दोनों सदनों में पास होने के बाद राष्ट्रपित रामनाथ कोविंद के पास पहुंचा, जिसे उन्होंने भी मंजूरी दे दी. हालांकि पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार के मंत्री ने इस कानून को न मानने की जिद बरकरार रखी है.

टीएमसी सरकार के मंत्री सिद्दिकुल्लाह चौधरी का कहना है कि तीन तलाक को अपराध बनाने वाले बिल का पास होना एक दुख का विषय है और इसी के साथ उन्होंने इसे इस्लाम पर हमला बी करार दिया. मालूम हो कि सिद्दिकुल्लाह ममता सरकार में मंत्री होने के साथ ही उलेमा-ए-हिंद के अध्यक्ष भी हैं.

सिद्दिकुल्लाह का कहना है कि वह तीन तलाक पर बने इस कानून को स्वीकार नहीं करेंगे और अगर इस बिल पर केंद्रीय कमेटी की मीटिंग होगी तब ही वह अपनी आगे की कार्रवाई पर विचार करेंगे. राज्य में बीजेपी के लगातार हमले पर बनी रहने वाली टीएमसी को उनके मंत्री का ये बयान काफी भारी पड़ सकता है. बीजेपी इस बिल को लेकर ममता सरकार पर हमला बोल सकती है.

मालूम हो कि बहुचर्चित तीन तलाक बिल को दोनों सदनों से पास कराने के बाद केंद्र सरकार ने इसे राष्ट्रपति के पास भेज दिया. जिस पर राष्ट्रपति ने पहली ही बार में हस्ताक्षर कर दिया और बिल कानून बन गया है. इस कानून के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति अपनी पत्नी को एक बार में तीन तलाक बोल कर शादी खत्म करने की कोशिश करता है तो उसे अपराधी माना जाएगा.