EXCLUSIVE: बंगाल में NRC लागू होने की खबर के बीच बांग्‍लादेशी शरणार्थियों को है इस बात से सुकून

ममता बनर्जी के इस फैसले के बाद Tv9 भारतवर्ष कोलकाता की ऐसी ही बांग्लादेशी कॉलोनियों में पहुंचा और उनसे ममता के इस फैसला पर साथ ही एनआरसी के मुद्दे पर भी उनकी राय जानी.

केंद्र की बीजेपी सरकार पश्चिम बंगाल में एनआरसी लागू करने की बात बार-बार दोहरा रही है, दूसरी तरफ पश्चिम बंगाल सरकार इसका विरोध भी कर रही है. इस कड़ी में दो दिन पहले ही ममता सरकार ने बांग्लादेशी शरणार्थी कॉलोनी को रेगुलराइज करने का ऐलान कर चुकी हैं. इसस उनमें रह रहे शरणार्थियों में खुशी है. यह खुशी राज्य में एनआरसी (NRC) लागू होने से कही ज्यादा है.

ममता बनर्जी के इस फैसले के बाद Tv9 भारतवर्ष कोलकाता की ऐसी ही बांग्लादेशी कॉलोनियों में पहुंचा और उनसे ममता के इस फैसला पर साथ ही एनआरसी के मुद्दे पर उनकी राय जानी.

कोलकाता की गार्डनरिच उन शरणार्थी कॉलोनियों में एक है जहां बांग्लादेश से आए शरणर्थी सालों से रह रहे हैं. इन कॉलोनियों में कोई मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं. गार्डनरिच में बांग्लादेश से आए 548 परिवार रहते हैं. जब हमने उनसे इन कॉलोनियों के रेगुलराइड होने की बात पूछी तो उन्होंने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि ऐसा सिर्फ ममता बनर्जी ही कर सकती हैं. वो हमेशा हमारे समर्थन में रही हैं.

लेकिन जैसे ही इन लोंगो से एनआरसी लागू होने पर सवाल किया तो देखते ही देखते उनके चेहरे की वो खुशी चिंता में बदल गई. इन सब का कहना है कि जब हमारे पास भारत का पहचान पत्र है, आधार कार्ड है और सभी कागजात हैं तो फिर हम अब बांग्लादेश वापस क्यों जाएं.

बता दें कि पश्चिम बंगाल की सीमा तीन पड़ोसी देश (नेपाल, भूटान और बांग्लादेश) से जुड़ती है. जिसमें बांग्लादेश के साथ सबसे लंबी सीमा लगती है.

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