दिल्ली: मनीष सिसोदिया बने श्रम मंत्री, गोपाल राय से लिया गया मंत्रालय, क्या है वजह?

दिल्ली सरकार (Delhi Government) में पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) से श्रम मंत्रालय ले लिया गया है, जिसके बाद अब नए श्रम मंत्री डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया होंगे.

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दिल्ली सरकार (Delhi Government) इस साल प्रदूषण की समस्या को काफी गंभीरता से ली रही है. सरकार आने वाले समय में दिल्ली को प्रदूषण से निजात दिलाने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां और फैसले ले रही है. इसी संबंध में दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री गोपाल राय (Gopal Rai) के पास से बुधवार को श्रम मंत्रालय की जिम्मेदारी ले ली गई.

श्रम मंत्रालय का कार्यभार दिल्ली सरकार के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को दे दिया गया. इससे पहले गोपाल राय श्रम मंत्रालय की जिम्मेदारी संभाल रहे थे. बता दें कि गोपाल राय दिल्ली सरकार में पर्यावरण मंत्री हैं. सूत्रों की मानें तो उन्हें प्रदूषण की समस्या पर फोकस करने को कहा गया है.

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बता दें कि सर्दी के मौसम की शुरुआत होते ही दिल्ली में धुंध और प्रदूषण एक बड़ी समस्या बन जाते हैं. दिल्ली सरकार इस साल प्रदूषण के मुद्दे पर युद्ध स्तर पर काम कर रही है. सरकार ने कुल 39 ऐसी साइट्स को चिन्हित किया है जहां धूल उड़ती है या धूल से प्रदूषण बढ़ने की संभावना है. दिल्ली सरकार ने इन 39 साइट्स को एंटी स्मॉग गन लगाने के आदेश दिए हैं.

सरकार के सामने दिल्ली के आसपास राज्यों में जलने वाली पराली भी एक बड़ी समस्या है. पर्यावरण मंत्री ने बताया था कि पराली से जो धुआं पैदा होता है, वह प्रदूषण को 45 फ़ीसदी तक बढ़ा देता है.

डिकंपोजर का छिड़काव

सरकार ने इस समस्या से निपटने के लिए पूसा इंस्टीट्यूट के खास डिकंपोजर के छिड़काव की योजना बनाई है. इस डिकंपोजर के छिड़काव से पराली को खाद में बदला जा सकता है. बता दें कि पूसा संस्थान ने डिकंपोजर तैयार किया है, जिससे पराली को जलाने के बजाय खाद में बदला जा सकता है.

सरकार के मुताबिक दिल्ली में करीब 700 हेक्टेयर भूमि पर नॉन बासमती राइस होता है, इस जमीन पर घोल का छिड़काव करने पर करीब 20 लाख का खर्चा आएगा. यह पूरी प्रक्रिया किसानों के लिए मुफ्त है.

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