पश्चिम मिदनापुर जिले से माओवादी पोस्टर बरामद

घटना के बारे में जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना की पुलिस इलाके में पहुंची और उन पोस्टरों को निकाल कर अपने कब्जे में ले लिया.

पश्चिम मिदनापुर जिले के मिदनापुर सदर ब्लाक के अंतर्गत आने वाले 1 गांव से मंगलवार की सुबह कथित रूप से माओवादियों के पोस्टर पाए गए. इन पोस्टरों में तृणमूल नेताओं के नाम से धमकियां दी गई हैं सादे कागज पर लाल स्याही से पोस्टरों में किसी तृणमूल नेता के नाम से जमीन की दलाली के रुपए खाने तो किसी पोस्टर में लाखों रुपए लेने के बावजूद जमीन ना देने का आरोप लगाया गया है. पोस्टरों के नीचे माओवादी लिखा था.

सूत्रों से घटना के बारे में मिली जानकारी के अनुसार मंगलवार की सुबह मिलना पुर शहर संलग्न रांगामाटी इलाके में तृणमूल नेताओं के नाम से कई पोस्टर चिपके देखे गए. इन पोस्टरों में स्थानीय तृणमूल नेता राजू मन्ना, गणेश मंडल, पलटू बोस और मना रहे नामक तृणमूल नेताओं के नाम लिखे हुए थे. किसी पोस्टर में लिखा था कि 12 लाख रुपए लेने के बावजूद 3 वर्ष के बाद भी जमीन नहीं दी गई तुम लोग मरोगे तो किसी पोस्टर में लिखा है कि जमीन की दलाली करने वाले होशियार तुम लोगों के सर जाएंगे.

Maoists Poster, पश्चिम मिदनापुर जिले से माओवादी पोस्टर बरामद

घटना के बारे में जानकारी मिलते ही कोतवाली थाना की पुलिस इलाके में पहुंची और उन पोस्टरों को निकाल कर अपने कब्जे में ले लिया. साथ ही साथ जिन लोगों ने पोस्टरों के फोटो खींचे थे उन फोटोज को पुलिस ने मिटवा दिया.

मालूम हो कि मिदनापुर स्थित पैरामेडिकल कॉलेज के पीछे कि कई बीघा जमीन को अवैध रूप से तृणमूल नेताओं द्वारा बेचे जाने का आरोप स्थानीय लोगों द्वारा लगाया जा चुका है. स्थानीय लोगों का आरोप है कि इस बारे में तृणमूल के जिला नेताओं को जानकारी होने के बावजूद वह लोग मामले को दबाने का प्रयास कर रहे हैं.

पोस्टरों के पाये जाने को लेकर तृणमूल के नेताओं द्वारा आरोप लगाया जा रहा है कि इसके पीछे भाजपाइयों का हाथ है जबकि भाजपा नेता अरूप दास का कहना है कि उन पोस्टरों के पाए जाने की घटना से किसी भाजपा नेता कर्मी का संबंध नहीं है. उनका आरोप है कि तृणमूल के नेता कर्मियों ने जमीन की दलाली के रुपए मिल बांट कर खाएं हैं उसी का परिणाम सामने आ रहा है.