‘सेक्स सामान्य जरूरत, बेरोजगारी है बढ़ते रेप की वजह…’, हाथरस केस पर बोले मार्कंडेय काटजू

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने अब हाथरस रेप केस (Markandey Katju on Hathras Rape) पर बयान दिया है. उन्होंने भारत में बढ़ते रेप केसों को बढ़ती बेरोजगारी से जोड़ा है.

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 11:25 am, Thu, 1 October 20
Markandey-Katju
सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मारकंडे काटजू (फाइल फोटो)

अकसर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहनेवाले मार्कंडेय काटजू (Markandey Katju) ने अब हाथरस रेप केस में बयान दिया है. सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू ने रेप केस को बेरोजगारी से जोड़ा है. साथ ही साथ कहा कि सेक्स पुरुष की सामान्य इच्छा है. मार्कंडेय काटजू ने फेसबुक पोस्ट में आगे लिखा है कि अगर रेप केसों को कम करना है तो लोगों को रोजगार देना होगा. अपनी सफाई में काटजू ने कहा कि वह रेप को ठीक नहीं ठहरा रहे बल्कि इसकी निंदा करते हैं.

बता दें कि उत्तर प्रदेश के हाथरस में 19 साल की दलित लड़की से गैंगरेप हुआ था. बाद में बुधवार को दिल्ली के सफदरजंग हॉस्पिटल में उस लड़की की मौत हो गई. फिलहाल 4 आरोपी गिरफ्त में हैं और पुलिस एसआईटी मामले की आगे जांच कर रही है.

मार्कंडेय काटजू बोले – सेक्स सामान्य जरूरत

सुप्रीम कोर्ट के पूर्व जज मार्कंडेय काटजू (Markandey Katju on Hathras Rape) ने फेसबुक पोस्ट में लिखा, ‘सेक्स मर्द की सामान्य इच्छा है. कहा भी जाता है कि खाने के बाद अगली जरूरत सेक्स होती है. भारत जैसे रूढ़िवादी देश में सेक्स शादी के बाद ही किया जा सकता है. लेकिन जब बड़े पैमाने पर बेरोजगारी है तो बड़ी संख्या में युवाओं की शादी नहीं होगी. क्योंकि कोई लड़की बेरोजगारी से शादी नहीं करेगी.’

पढ़ें – यूपी: हाथरस-बलरामपुर में दलित लड़की के बाद आजमगढ़-बुलंदशहर में नाबालिग से हैवानियत

मार्कंडेय काटजू ने आगे लिखा कि शादी ना होने पर बड़ी संख्या में युवा लड़के सेक्स से वंचित रह जाएंगे, जबकि उनकी उम्र वह होगी जब वह सामान्य जरूरत होती है. काटजू ने आगे लिखा कि भारत की अभी आबादी 135 करोड़ है, मतलब जिस तेजी से आबादी बढ़ी उस तेजी से नौकरियां नहीं बढ़ी. काटजू ने आगे कहा कि अगर रेप केसों को कम करना है तो बेरोजगारी को कम करना होगा.