मारथोमा ईसाई समुदाय के आध्यात्मिक प्रमुख जोसेफ मार थोमा का निधन, पीएम मोदी ने जताया दुख

पीएम मोदी (PM Modi) ने अपनी यादें साझा करते हुए कहा, “जोसेफ मार थोमा एक असाधारण शख्स थे. उन्होंने मानवता की सेवा की और गरीब व दलित के जीवन में सुधार लाने के लिए बहुत मेहनत की. उनमें सुहानुभूति और विनम्रता भरी हुई थी.”

  • TV9 Hindi
  • Publish Date - 10:57 am, Sun, 18 October 20

मारथोमा ईसाई समुदाय (Marthoma Christian community) के आध्यात्मिक प्रमुख जोसेफ मार थोमा (Joseph Mar Thoma) का 90 साल की उम्र में निधन हो गया है. जोसेफ मार थोमा ने रविवार को तड़के केरल के तिरुवल्ला जिले में अंतिम सांस ली. साल 2007 में वो मारथोमा ईसाई समुदाय के प्रमुख बनाए गए थे. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने जोसेफ मार थोमा के निधन पर शोक व्यक्त किया है. इसी साल जून में पीएम मोदी ने जोसेफ मार थोमा के 90वें जन्मदिन पर समारोहों का उद्घाटन किया था.

पीएम मोदी ने अपनी यादें साझा करते हुए कहा, “जोसेफ मार थोमा एक असाधारण शख्स थे. उन्होंने मानवता की सेवा की और गरीब व दलित के जीवन में सुधार लाने के लिए बहुत मेहनत की. उनमें सुहानुभूति और विनम्रता भरी हुई थी. उनके नेक आदर्शों को हमेशा याद किया जाएगा.”

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मारथोमा फॉलोअर्स की अच्छी-खासी संख्या

बता दें कि मारथोमा ईसाई समुदाय को फॉलो करने वालों की अच्छी-खासी संख्या है. इनमें से कही लोगों ने जोसेफ मार थोमा को दूरदृष्टि और करुणा से भरे लीडर के तौर पर पाया है. इनका कहना है कि जोसेफ हमेशा मानवता की भलाई के लिए खड़े रहे.

स्वतंत्रता संग्राम में मार थोमा चर्च की भूमिका की प्रशंसा

प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता संग्राम में मार थोमा चर्च की भूमिका की भी प्रशंसा की थी. उन्होंने कहा, “द मार थोमा चर्च ने भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भूमिका निभाई है. चर्च राष्ट्रीय एकीकरण की दिशा में काम करने में सबसे आगे रहा है.”

इस दौरान पीएम मोदी ने कहा था कि ‘सरकार का मार्गदर्शन भारत का संविधान करता है और इसलिए सरकार धर्म, लिंग, जाति, नस्ल या भाषा के आधार पर भेदभाव नहीं करती है.’

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