शहीद मेजर केतन शर्मा ने परिवार को किया था व्हाट्सऐप मैसेज- शायद ये मेरी आखिरी तस्वीर

अनंतनाग में आतंकियों से मुठभेड़ के बीच गोली का शिकार हो गए थे मेजर केतन शर्मा. उन्हें बचाया नहीं जा सका था.
Martyr major Ketan Sharma, शहीद मेजर केतन शर्मा ने परिवार को किया था व्हाट्सऐप मैसेज- शायद ये मेरी आखिरी तस्वीर

17 जून, दिन सोमवार, समय सुबह के सात बजे थे. जम्मू कश्मीर के अनंतनाग में आतंकियों से मोर्चा ले रहे मेजर केतन शर्मा ने अपने परिवार के व्हाट्सऐप ग्रुप पर एक फोटो भेजी. मैसेज लिखा था- शायद ये मेरी आखिरी तस्वीर है. इस दौरान एक आतंकी की गोली का निशाना बने मेजर केतन शर्मा शहीद हो गए. उनके मैसेज में लिखी बात सच हो गई.

मेरठ के रहने वाले मेजर केतन शर्मा 19 राष्ट्रीय रायफल्स का हिस्सा थे. एक महीने की छुट्टी बिताकर 22 दिन पहले कश्मीर लौटे थे. मेरठ के कैंट इलाके में मेजर शर्मा का घर है. यहां 18 जून की दोपहर उनका शव लाया गया. जब उनकी अंतिम यात्रा श्मशान की तरफ निकली तो अंतिम विदाई देने के लिए सैकड़ों लोग साथ हो गए. उनकी मां उषा का रो रोकर बुरा हाल था.

मेजर अपने परिवार में पत्नी इरा, चार साल की बेटी कायरा के अलावा मां उषा, पिता रविंदर और छोटी बहन मेघा को छोड़कर गए हैं. मेजर के चचेरे भाई अनिल ने एक अखबार से बातचीत में बताया कि जब मेजर ने अपनी आखिरी फोटो वाला मैसेज भेजा तो उनकी पत्नी इरा ने वहां तुरंत रिप्लाई किया. परिवार के एक दो और लोगों ने भी किया. सबको विश्वास था कि केतन सही सलामत लौट आएंगे. इरा और बेटी कायरा गाजियाबाद में इरा के माता-पिता के घर में थे. वहां समाचार मिला कि केतन घायल हैं. दोपहर साढ़े तीन बजे तक सेना के अधिकारी आए और बताया गया कि केतन नहीं रहे.

मेजर केतन शर्मा के पिता रविंदर ने बताया कि केतन रोजाना हमें फोन करते थे. उनकी मां की तबीयत ठीक नहीं थी, वो हमेशा मुझसे उनका खयाल रखने को कहते थे. मेजर शर्मा जब बीस साल के थे तो गुड़गांव में एक अच्छी सैलरी वाली प्राइवेट जॉब मिल गई थी. लेकिन उन्होंने वो नौकरी छोड़कर आर्मी की तैयारी की थी. कैंट इलाके में पले बढ़े केतन का सपना हमेशा से सेना में जाने का था.

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