मसूद अजहर बालाकोट एयर स्‍ट्राइक के बाद सहमा, लगातार ठिकाने बदल रहा ‘ग्‍लोबल टेररिस्‍ट’

मसूद अजहर को चीन के कदम की आहट मिल चुकी थी. वह लगातार ठिकाने बदलता फिर रहा है.

नई दिल्‍ली: संयुक्‍त राष्‍ट्र सुरक्षा परिषद द्वारा ‘वैश्‍विक आतंकी’ घोषित किया गया जैश-ए-मोहम्‍मद सरगना मसूद अजहर लगातार ठिकाने बदल रहा है. भारतीय वायुसेना की पाकिस्‍तान के बालाकोट में एयर स्‍ट्राइक के बाद अजहर को रावलपिंडी बेस हॉस्पिटल से बहावलपुर शिफ्ट किया गया था. एक अंग्रेजी अखबार की रिपोर्ट के अनुसार, मसूद अजहर को इस समय गुजरावाला के शेखूपुरा स्थित एक मदरसे में रखा गया है.

पुलवामा में सीआरपीएफ काफिले पर आतंकी हमले के बाद अजहर को पाकिस्‍तान की ओर से 10 कमांडो और मुहैया कराए गए थे. अखबार ने सूत्रों के हवाले से दावा किया है कि अजहर पिछले सप्‍ताह नियंत्रण रेखा के नजदीक नीलम घाटी में मौजूद था. चार दिन पहले ही, मसूद अजहर इस्‍लामाबाद से करीब 100 किलोमीटर दूर पीओके में पाकिस्‍तानी सेना के साथ था. भारतीय सुरक्षा एजेंसियां इसे बेहद महत्‍वपूर्ण मानकर चल रही हैं.

भाई को न भेज खुद क्‍यों गया मसूद अजहर?

यह माना जा रहा है कि अजहर अपने आतंकी संगठन के भविष्‍य पर चर्चा करने गया था. जैश ने अल बद्र नाम के एक और आतंकी संगठन से हाथ मिला लिया है. अजहर चाहता है कि पाकिस्‍तानी सेना उसके लड़ाकों को कश्‍मीर में घुसपैठ की इजाजत दे. पुलवामा हमले के बाद से भारतीय सुरक्षा बलों ने कश्‍मीर में 25 से ज्‍यादा जैश आतंकी ढेर किए हैं.

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एक सूत्र के हवाले से अखबार ने लिखा है कि अजहर गंभीर बीमारी से जूझ रहा है और उसे लगातार डॉक्‍टर्स की निगरानी में रहने की जरूरत पड़ती है. ऐसे में सेना से उसका मिलना बेहद महत्‍वपूर्ण है. फिलहाल जैश-ए-मोहम्‍मद की कमान उसने अपने भाई रऊफ असगर को दे रखी है. रऊफ को भेजने की बजाय मसूद अजहर का खुद जाना इस बात का संकेत हो सकता है कि उसे यूएन सुरक्षा परिषद में चीन के कदम की आहट मिल चुकी थी.

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