‘फर्ज़ी ख़बरों के चलते प्रवासी मज़दूरों ने किया पलायन’, गृह मंत्रालय ने लोकसभा को बताया

लोकसभा (Lok Sabha) में गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय (Nityanand Rai) ने कहा कि लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान मज़दूरों के भोजन, पीने के पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं और आश्रय जैसी मूल ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्रयास किए गए .
Mass migration triggered, ‘फर्ज़ी ख़बरों के चलते प्रवासी मज़दूरों ने किया पलायन’, गृह मंत्रालय ने लोकसभा को बताया

केंद्रीय गृहमंत्रालय (MHA) ने मंगलवार को लोकसभा (Lok Sabha) को बताया कि फर्ज़ी ख़बरों के चलते लॉकडाउन (Lockdown) के दौरान प्रवासी मज़दूरों ने पलायन (Migration) किया और वो शहरों से अपने गांवों को लौट गए. केंद्र ने इससे पहले लोकसभा में ये भी कहा था कि उनके पास प्रवासी मज़दूरों का आंकड़ा नहीं है, जिस वज़ह से मुआवज़े का सवाल ही पैदा नहीं होता.

दरअसल संसद में लिखित प्रश्न पूछा गया था, जिसके जवाब में सरकार ने ये प्रतिक्रिया दी थी. सवाल पूछा गया था कि 25 मार्च से देशभर में लागू किए गए लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों की सुरक्षा के लिए क्या कदम उठाए गए. इस दौरान पैदल ही घर जा रहे कई मज़दूरों को अपनी जान गंवानी पड़ी.

लोकसभा में गृहराज्य मंत्री नित्यानंद राय (Nityanand Rai) ने सवाल के जवाब में कहा कि लॉकडाउन के दौरान प्रवासी मज़दूरों का पलायन फर्ज़ी ख़बरों के चलते हुए था. उन्होंने ये भी कहा कि लॉकडाउन के दौरान मज़दूरों के भोजन, पीने के पानी, स्वास्थ्य सुविधाएं और आश्रय जैसी मूल ज़रूरतों को पूरा करने के लिए सभी प्रयास किए गए .

लोकसभा में सोमवार को हुआ जबरदस्त हंगामा

सरकार के आंकड़ा उपलब्ध न होने के जवाब के बाद सोमवार को लोकसभा में विपक्ष ने जमकर हंगामा किया. वहीं मंगलवार को राहुल गांधी ने भी ट्वीट के ज़रिए सरकार के बयान पर निशाना साधा. सरकार ने स्वीकार किया कि लॉकडाउन के दौरान क़रीब 1 करोड़ प्रवासी मज़दूरों ने शहरों से अपने गृह नगरों, गांवों की ओर पलायन किया.

गृह मंत्रालय ने बताया कि प्रवासी मजदूरों की समस्याओं को कम करने के लिए केंद्रीय मंत्रालयों के प्रतिनिधियों, संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों की देखरेख में कंट्रोल रूम बनाने सहित उपाए किए गए थे.’इन कंट्रोल रूम से प्रवासी श्रमिकों समेत अलग-अलग जगह फंसे हुए लोगों की शिकायतों का निपटारा किया गया.

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