मायावती और मुलायम सिंह की रैली आज, 24 साल बाद दोनों होंगे एक साथ

मैनपुरी की जनता के लिए मंच पर मायावती की उपस्थिति को लेकर काफी उत्साहित है. इस मौके पर मायावती और मुलायम सिंह की तालबंदी पर सबकी नजर टिकी हुई है.
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नई दिल्ली: 19 तारीख सपा-बसपा पार्टी के लिए बड़ा दिन है. पच्चीस साल बाद ऐसा पहली बार होगा जब मायावती और मुलायम सिंह यादव एक मंच पर साथ दिखाई देंगे. सपा बसपा रालोद की रैलियों का चौथा पड़ाव मैनपुरी के लोगों के लिए बहुत ही खास होगा, यहां से मायावती मुलायम सिंह के लिए वोट अपील करेंगी. इस मौके पर अखिलेश यादव, मायावती, मुलायम सिंह यादव और अजीत सिंह एक मंच पर होंगे.

मैनपुरी सीट की बात करें तो यहां पर मुलायम सिंह की पकड़ काफी मजबूत है. लंबे समय से वो इस सीट से चुनाव लड़ रहे हैं और जीतते भी आए हैं. हो सकता है कि मुलायम सिंह इस सीट से दोबारा जीत जाते लेकिन मायावती का समर्थन मिलने के बाद जीत की उम्मीद दोगुनी हो चुकी है.

बता दें कि अरसे पहले यूपी में सपा बसपा (कांशीराम और मुलायम) के बीच अच्छी खासी दोस्ती थी, लेकिन गेस्ट हाउस कांड के बाद से दोनों पार्टियों में फूट पड़ गई थी. 2 जून 1995 को सपा बसपा के रास्ते एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हो गए और दोनों पार्टियों में कोल्ड वार शुरू हो गया. बावजूद इसके 2007 के विधानसभा चुनाव में बसपा ने पूर्ण बहुमत की सरकार बनाई वहीं 2012 के चुनाव में सपा ने भारी मतों के साथ जीत हासिल की.

2014 के लोकसभा चुनाव के दौरान ये दोनों पार्टियां भारतीय जनता पार्टी के सामने फीकी पड़ गईं. इसके बाद 2017 के चुनाव में भी दोनों को उभरने का मौका नहीं मिला. अब समझदारी दिखाते हुए दोनों पार्टियां चुनावी मैदान में एकजुट होकर उतर रही हैं. इस लड़ाई में सपा बसपा के साथ रालोद को शामिल किया गया है.

मैनपुरी की खास बात ये है कि भाजपा को इस सीट से कभी भी जीत का ताज नहीं मिला है, जबकि कांग्रेस 4 बार चुनाव जीत चुकी है. मुलायम सिंह यादव भी इस सीट से 1996, 2004, 2009 और 2014 के चुनावों में फतह कर चुके हैं.

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