मायावती ने भाई और भतीजे को बीएसपी में दिए शीर्ष पद, जानिए कौन हैं आनंद और आकाश

मायावती ने आखिरकार वंशवाद का रास्ता पकड़ ही लिया. भाई और भतीजे दोनों को ही संगठन में ऊंची ज़िम्मेदारी देकर मायावती आलोचना के केंद्र में आ गई हैं. जानिए कौन हैं उनके भाई आनंद और उनके भतीजे आकाश.

लोकसभा चुनाव के बाद करारी हार से उबर रहीं बीएसपी सुप्रीमो मायावती ने अब पार्टी का पुनर्गठन शुरू कर दिया है. अब तक कई अहम नेताओं को उनके पद से हटाया गया था लेकिन अब मायावती ने अपने भाई आनंद कुमार को पार्टी उपाध्यक्ष बनाया है जो वो पहले ही थे. भतीजे आकाश आनंद को भी पार्टी में राष्ट्रीय समन्वयक की ज़िम्मेदारी दी गई है जिसके कयास पहले ही लग रहे थे.

जैसे ही बसपा संगठन में मायावती के रिश्तेदारों की एंट्री हुई वैसे ही मायावती पर भी भाई-भतीजावाद के आरोप लगने शुरू हो गए. गौरतलब है कि मायावती ने वंशवाद की राजनीति का जमकर विरोध किया है लेकिन अब वो खुद निशाने पर है. आनंद कुमार जहां उनके भाई हैं वहीं आकाश, आनंद कुमार के बेटे हैं.

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आनंद की बात करें तो उन पर पहले ही आय से अधिक संपत्ति का मामला चल रहा है. पहले मायावती ने उन्हें संगठन में उपाध्यक्ष का पद इस शर्त पर दिया था कि वो सांसद या सीएम नहीं बनेंगे. उम्र में मायावती से छोटे आनंद की ज़िंदगी में एक वक्त ऐसा भी था जब वो क्लर्क का काम करते थे. मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक आनंद 2007 तक एक कंपनी के मालिक थे लेकिन बाद में बहनजी की सरकार बनने के बाद वो 49 कंपनियों के मालिक बनने तक जा पहुंचे.  2007 में आनंद 7.5 करोड़ रुपए के मालिक थे लेकिन 2014 तक उनका खजाना 1,316 करोड़ रुपए से लबालब भर गया. मायावती ने 2018 में आनंद कुमार को पद से हटाते हुए संकेत दिया था कि भविष्य में उनका कोई परिजन शीर्ष स्तर पर पद ग्रहण नहीं करेगा.

उधर आकाश आनंद मायावती के भतीजे हैं. लोकसभा चुनाव से पहले मायावती ने उन्हें राजनीति में उतारने की घोषणा खुद की थी. आकाश लंदन से एमबीए करके लौटे हैं. 2017 में यूपी विधानसभा चुनाव हारने के बाद सहारनपुर की रैली में मायावती ने उन्हें लॉन्च किया था. इसके बाद कई रैलियों में  वो मंच पर दिखे जिनमें माया-अखिलेश की संयुक्त रैली भी थी.

आपको बता दें कि आकाश के साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर दो समन्वयक और भी रखे गए हैं. वर्तमान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रामजी गौतम को राष्ट्रीय समन्वयक का पद दिया गया है. दानिश अली के पास लोकसभा में बीएसपी नेता की ज़िम्मेदारी आई है. दानिश जेडीएस से बसपा में शामिल होकर अमरोहा से चुनाव लड़े थे. उन्होंने बीजेपी सांसद कंवर सिंह तंवर को हराया था.

जौनपुर से सांसद श्याम सिंह यादव को लोकसभा में बीएसपी का उपनेता बनाया गया है. अपने करीबी सतीशचंद्र मिश्र को मायावती ने राज्यसभा में बीएसपी नेता नियुक्त किया है.