‘कुलभूषण पर झूठे आरोपों को स्‍वीकार करने का दबाव बना रहा पाकिस्‍तान’, MEA का खुलासा

भारतीय डिप्‍टी हाई कमिश्‍नर की कुलभूषण जाधव के साथ यह मुलाकात करीब ढाई घंटा चली. यह मुलाकात कहां पर हुई, इस बारे में कोई जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है.

नई दिल्ली: पाकिस्तान जेल में बंद कुलभूषण जाधव से आज भारत के डिप्‍टी हाई कमिश्‍नर गौरव अहलूवालिया ने मुलाकात की थी. मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय का बड़ा बयान सामने आया है. विदेश मंत्रालय की ओर से बताया गया कि मुलाकात के वक्त जाधव पाकिस्तान के भारी दबाव में था.

सोमवार को भारत के डिप्‍टी हाई कमिश्‍नर पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय के दफ्तर पहुंचे. यहां उन्‍होंने पाकिस्‍तानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता डॉक्‍टर मोहम्‍मद फैजल के साथ मीटिंग की और उसके बाद कुलभूषण जाधव के साथ उनकी मुलाकात कराई गई थी. मुलाकात के बाद विदेश मंत्रालय ने बताया कि कुलभूषण जाधव भारी दबाव में थे. जाधव जो भी बयान दे रहे थे वो पाकिस्तान के दबाव में दे रहे थे.

भारतीय डिप्‍टी हाई कमिश्‍नर की कुलभूषण जाधव के साथ यह मुलाकात करीब ढाई घंटा चली. यह मुलाकात कहां पर हुई, इस बारे में कोई जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है. हालांकि, पहले यह कहा जा रहा था कि मुलाकात इस्‍लामाबाद स्थित पाकिस्‍तान के विदेश मंत्रालय में होगी, लेकिन बाद में मुलाकात की जगह को बदल दिया गया.

इससे पहले 2017 में कुलभूषण जाधव की मां और पत्नी ने इस्लामाबाद में उनसे मुलाकात की थी, उसके बाद से किसी भारतीय की जाधव से मुलाकात नहीं हुई थी.

भारत के रिटायर्ड नेवी अफसर कुलभूषण जाधव को पाकिस्‍तान की सैन्य अदालत ने अप्रैल 2017 में जासूसी और आतंकवाद के आरोप पर मौत की सजा सुनाई थी. इसके बाद भारत इस मामले को इंटरनेशनल कोर्ट में ले गया था. इसके बाद इंटरनेशनल कोर्ट ने जाधव की फांसी पर रोक लगा दी थी. इस साल जुलाई में आईसीजे ने पाक को आदेश दिया था कि वह बिना देर किए जाधव को कॉन्‍सुलर एक्सेस मुहैया करवाए.

पाकिस्तान का दावा है कि कुलभूषण जाधव को तीन मार्च, 2016 को बलूचिस्तान से गिरफ्तार किया था. उन पर ईरान से यहां आने के आरोप लगे थे. वहीं, भारत का दावा है कि जाधव को ईरान से अगवा किया गया था, जहां वह नौसेना से सेवानिवृत्त होने के बाद कारोबार के सिलसिले में गए थे.